मुकुल राय ने की घर वापसी, थामा टीएमसी का दामन

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January 21, 2026

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मुकुल राय ने की घर वापसी, थामा टीएमसी का दामन

-बंगाल चुनावों के दौरान टीएमसी छोड़ हुए थे भाजपा में शामिल, बेटे सुभ्रांशु राय भी हुए टीएमसी में शामिल
NMnews CM Mamata Banerjee & Mukul Roy

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव हारने के बाद अब बंगाल के नेताओं के सिर से भाजपा का भूत उतरने लगा है। बंगाल में चुनावों के दौरान टीएमसी को छोड़कर भाजपा में शामिल हुए नेता अब फिर घर वापसी का नारा देकर टीएमसी का दामन थाम रहे है। बंगाल के कदावर नेता मुकुल राय ने भी अपने बेटे सुभ्रांशु राय के साथ टीएमसी का दामन थाम लिया है। उन्होने आज टीएमसी प्रमुख ममता बैनर्जी से मुलाकात कर टीएमसी की दौबारा सदस्यता ग्रहण की। वहीं टीएमसी नेता ममता बैनर्जी ने भी नेताओं की घर वापसी का स्वागत किया है। हालांकि इस बीच पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के बेटे अभिजीत मुखर्जी के भी टीएमसी में आने की अटकलें लगने लगीं थी जिसे उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया।
                     यहां बता दें कि जब टीएमसी से भाजपा में जाने वाले नेताओं की कतार लगी थी तो उसमें मुकुल रॉय सबसे पहले नंबर पर थे। वह ममता बनर्जी के सबसे खास माने जाते थे, लेकिन पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाकर उन्हें टीएमसी से बाहर कर दिया गया था। बता दें कि इस वक्त भाजपा में ऐसे कई नेता हैं, जो टीएमसी में लौटने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में मुकुल रॉय को लेकर लगातार अटकलें लग रही थीं।
                    सूत्रों का कहना है कि पश्चिम बंगाल भाजपा में सुवेंदु अधिकारी का कद लगातार बढ़ रहा है। उन्हें नेता विपक्ष का नेता भी बनाया गया है। ऐसे में मुकुल रॉय की बेचैनी लगातार बढ़ रही थी, जिसके चलते उन्होंने अपनी पुरानी पार्टी में लौटने का मन बना लिया।
                     इस मसले पर टीएमसी नेता सौगत रॉय ने भी संकेत दिए थे। उन्होंने कहा था, श्ऐसे कई लोग हैं, जो अभिषेक बनर्जी के संपर्क में हैं और वापस आना चाहते हैं। मुझे लगता है कि पार्टी छोड़कर लौटने वालों को दो कैटिगरी में बांटा जा सकता है। ये हैं सॉफ्टलाइनर और हार्डलाइनर। सॉफ्टलाइनर वे हैं, जिन्होंने पार्टी तो छोड़ी, लेकिन ममता बनर्जी का कभी अपमान नहीं किया। हार्डलाइनर वे हैं, जिन्होंने ममता बनर्जी के बारे में सार्वजनिक रूप से बयान दिए। अहम बात यह है कि मुकुल रॉय ने ममता बनर्जी पर निजी तौर पर कोई आरोप नहीं लगाए। ऐसे में उन्हें सॉफ्टलाइनर माना जाता है।

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