मन के विकारों को दूर करने में ध्यान है सशक्त माध्यम – प्रो. ईश्वर भारद्वाज

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March 25, 2026

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मन के विकारों को दूर करने में ध्यान है सशक्त माध्यम – प्रो. ईश्वर भारद्वाज

-अध्यात्म योग संस्थान नई दिल्ली और विश्व वेदांग फाउन्डेशन मुंबई तथा श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय हनुमानगढ़ राजस्थान ने संयुक्त रूप से किया “प्रथम विश्व ध्यान दिवस” का आयोजन

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/- अध्यात्म योग संस्थान द्वाराका नई दिल्ली, विश्व वेदांग फाउन्डेशन मुम्बई एवं श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय हनुमानगढ़ राजस्थान के संयुक्त तत्वावधान मे “प्रथम विश्व ध्यान दिवस” 21 दिसंबर के उपलक्ष में एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ श्री हर्ष शुक्ला द्वारा वैदिक मंगलाचरण के साथ प्रारंभ हुआ। कार्यक्रम में आए सभी अतिथियों का स्वागत डॉ. रवि कुमार शास्त्री ने किया।          

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. ईश्वर भारद्वाज पूर्व डीन गुरुकुल कंगडी विश्वविद्यालय हरिद्वार एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष – अध्यात्म योग संस्थान ने अपने वक्तव्य में कहा की ध्यान का अभ्यास धीरे-धीरे करना चाहिए, धीरे-धीरे अभ्यास करने से हमारे मन से ईर्ष्या, द्वेष, राग आदि दोष दूर हो जाते हैं। तथा धीरे-धीरे अभ्यास और वैराग्य का पालन करके हम अपने मन को वश में कर सकते हैं। मन के नियंत्रित होने पर ही ध्यान की उच्च अवस्था को प्राप्त किया जा सकता है। मुख्य वक्ता के रूप में आचार्य योगेश कुमार प्रधानाचार्य- गुरुकुल महाविद्यालय गोतम नगर नई दिल्ली ने ध्यान का प्रयोगात्मक अभ्यास कराते हुए ध्यान के कई चरणों की चर्चा की तथा मन बुद्धि के सकारात्मक भाव को प्रधान रखने पर जोर दिया।

मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. रमेश कुमार, समन्वयक- योग विज्ञान विभाग, श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली ने अपने वक्तव्य में कहा कि पहले स्वामी रामदेव जी द्वारा योग के प्रति जन जागृति लाने और माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के अथक प्रयासों से 21 जून को विश्व योग दिवस पूरे विश्व में मनाया गया और अब 21 दिसंबर 2024 को विश्व ध्यान दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। इसके लिए मैं स्वामी रामदेव और माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का धन्यवाद करता हूं, इन्होंने संपूर्ण विश्व पटल पर भारतीय ज्ञान योग परंपरा को स्थापित किया है। योग और ध्यान के अभ्यास से मनुष्य जीवन में निरोगता, एकाग्रता शांति को प्राप्त कर सकता है। इस लिए हमें अपने जीवन में ध्यान का अभ्यास निरंतर करना चाहिए।
            कार्यक्रम का संयोजन योगाचार्य तस्वीर सिंह ने किया। अंत में आए हुए सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन डॉक्टर वेद प्रकाश अध्यक्ष विश्व वेदांग फाउन्डेशन मुम्बई ने किया। इस कार्यक्रम मे ऑफ़लाइन और ऑनलाइन माध्यम से सेकड़ों योग प्रेमी छात्रों, अभिभावकों और अध्यापकों ने भाग लेकर ध्यान का अभ्यास किया ।

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