मकर संक्रांति 2026: आस्था, परंपरा और उत्साह के साथ देशभर में मनाया गया सूर्य पर्व

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

February 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
232425262728  
February 25, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-    देशभर में मकर संक्रांति 2026 का पर्व पूरे श्रद्धा, उल्लास और पारंपरिक रंगों के साथ मनाया गया। सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही इस पावन पर्व की शुरुआत हुई, जिसे उत्तर भारत में मकर संक्रांति, दक्षिण भारत में पोंगल, पंजाब में लोहड़ी और पूर्वी भारत में बिहू के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि प्रकृति, कृषि और सामाजिक एकता का भी संदेश देता है।

सूर्य पूजा और पवित्र स्नान से हुई दिन की शुरुआत
मकर संक्रांति के अवसर पर तड़के सुबह से ही श्रद्धालुओं ने नदियों, सरोवरों और पवित्र घाटों पर स्नान कर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किया। गंगा, यमुना, गोदावरी और अन्य पवित्र नदियों के तटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। मान्यता है कि इस दिन सूर्य पूजा करने से सुख, समृद्धि और आरोग्य की प्राप्ति होती है।

तिल-गुड़ की मिठास और पारंपरिक व्यंजनों की धूम
इस पर्व पर घर-घर में तिल और गुड़ से बने लड्डू, खिचड़ी, रेवड़ी और अन्य पारंपरिक पकवान तैयार किए गए। तिल-गुड़ का सेवन आपसी प्रेम, मधुरता और सौहार्द का प्रतीक माना जाता है। लोगों ने एक-दूसरे को मिठाइयां बांटकर शुभकामनाएं दीं और रिश्तों में मिठास घोली।

पतंगों से सजा आसमान, बच्चों में दिखा खास उत्साह
दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, गुजरात और उत्तर भारत के कई हिस्सों में मकर संक्रांति पर पतंगबाजी का खास उत्साह देखने को मिला। सुबह से शाम तक रंग-बिरंगी पतंगों से आसमान सजा रहा। बच्चों और युवाओं में पतंग उड़ाने को लेकर विशेष जोश देखा गया। वहीं प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नागरिकों से सुरक्षित पतंगबाजी की अपील की।

किसानों के लिए विशेष महत्व रखता है यह पर्व
मकर संक्रांति का पर्व किसानों के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह फसल कटाई के मौसम की शुरुआत का प्रतीक है। इस दिन किसान अपनी मेहनत का उत्सव मनाते हैं और अच्छी फसल के लिए ईश्वर का आभार प्रकट करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इस अवसर पर मेलों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया।

सामाजिक एकता और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश
मकर संक्रांति केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और सकारात्मक सोच का संदेश देने वाला पर्व है। इस दिन लोग पुराने गिले-शिकवे भूलकर एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हैं और नए सिरे से रिश्तों की शुरुआत करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के साथ-साथ यह पर्व स्वास्थ्य, स्वच्छता और सामूहिकता का भी संदेश देता है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox