
नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- पूर्वी दिल्ली के यमुनापार इलाके में प्रशासनिक प्रतिबंधों के बावजूद ई-रिक्शा का संचालन खुलेआम जारी है। जिन सड़कों पर इनकी आवाजाही पर रोक लगाई गई है, वहां भी ये बेखौफ दौड़ते नजर आ रहे हैं। नियमों की इस अनदेखी के कारण यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है और आम लोगों को रोजाना भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जाम और अव्यवस्था से लोगों की बढ़ी परेशानी
सड़कों पर अनियंत्रित तरीके से चल रहे ई-रिक्शा और जगह-जगह बनाए गए अस्थायी स्टैंड यातायात में बड़ी बाधा बन रहे हैं। कई स्थानों पर सड़क किनारे खड़े ई-रिक्शा मार्ग को संकरा कर देते हैं, जिससे वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ जाती है। खासकर पीक आवर में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब लंबा जाम लग जाता है और लोगों को घंटों फंसे रहना पड़ता है।

सड़क सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा
यातायात नियमों की अवहेलना का असर केवल जाम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सड़क सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बन चुका है। मोड़ों और तंग रास्तों पर खड़े ई-रिक्शा दृश्यता को बाधित करते हैं, जिससे सामने से आने वाले वाहनों के बीच टकराव की आशंका बढ़ जाती है। आए दिन हो रही दुर्घटनाएं इस समस्या की गंभीरता को साफ तौर पर दर्शाती हैं।
पैदल यात्रियों के लिए भी मुश्किलें
ई-रिक्शा की अनियमित पार्किंग और अव्यवस्थित संचालन का असर पैदल चलने वालों पर भी पड़ रहा है। फुटपाथों और सड़क किनारों पर कब्जे के कारण उन्हें सुरक्षित रास्ता नहीं मिल पाता, जिससे दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोग और वाहन चालक प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं, ताकि इस समस्या पर नियंत्रण पाया जा सके और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाया जा सके।





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