भारत में हिजाब पर बवाल! आरएसएस की मुस्लिम शाखा ने कर्नाटक की लड़की का किया समर्थन

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  
March 16, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

भारत में हिजाब पर बवाल! आरएसएस की मुस्लिम शाखा ने कर्नाटक की लड़की का किया समर्थन

-दुनिया के दूसरे देशों में कहां-कहां बुर्का, नकाब पर बैन ? भारत में सियासी रंग ले रहा हिजाब

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- दुनिया ने हिजाब को लेकर कायदे-कानून तय किये हैं और कुछ देशों ने तो बुर्का व नकाब पर बैन तक लगाया हुआ है लेकिन भारत में कर्नाटक विवाद के बाद हिजाब पर बवाल मच गया है। हर तरफ हिजाब पर चर्चा हो रही है वहीं कुछ राजनीतिक व धार्मिक संगठन इसे सियासी रूप देने में भी जुट गये है। लेकिन अयोघ्या की आरएसएस की मुस्लिम शाखा ने हिजाब विवाद पर कर्नाटक की मुस्लिम युवती का समर्थन कर सबको हैरत मे डाल दिया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की मुस्लिम शाखा ने कर्नाटक की छात्रा मुस्कान खान का समर्थन करते हुए कहा कि हिजाब या ’पर्दा’ भी भारतीय संस्कृति का हिस्सा है।
आरएसएस मुस्लिम विंग मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने हिजाब पहनने की बीबी मुस्कान की याचिका का समर्थन किया है और उसके आसपास के भगवा उन्माद की निंदा की है। पत्रकारों से बात करते हुए मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के अवध प्रांत संचालक अनिल सिंह ने कहा कि वह हमारे समुदाय की एक बेटी और बहन है। हम उसके संकट की घड़ी में उसके साथ खड़े हैं।
मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने अपने बयान में कहा कि हिंदू संस्कृति महिलाओं का सम्मान करना सिखाती है और जिन्होंने ’जय श्री राम’ का जाप किया और लड़की को आतंकित करने की कोशिश की, वे गलत थे। बयान में कहा गया, ’लड़की को हिजाब पहनने की संवैधानिक स्वतंत्रता है।’ अगर उसने कैंपस ड्रेस कोड का उल्लंघन किया था, तो संस्था को उसके खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार है।
 कर्नाटक में हिजाब बैन विवाद के बाद सोशल मीडिया पर हिजाब लेकर चर्चा हो रही है। हिजाब बैन पर कई तरह की राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। कई लोग इसका विरोध कर रहे हैं तो एक वर्ग इसके पक्ष में बात कर रहा है। दरअसल, भारत में धार्मिक कपड़े पहनने को लेकर आजादी है, लेकिन क्या आप जानते हैं कई देशों ने तो इन पर बैन लगा रखा है. कई देशों में हिजाब पर विशेष तौर पर बैन नहीं है, लेकिन फेस कवर करने वाले कपड़ों को लेकर कई देशों ने बैन लगाए हैं।
ऐसे में जानते हैं कि किन-किन देशों में बुर्का, नकाब या फेस कवर करने वाले परिधानों पर बैन लगाया है। साथ ही जानते हैं इन बैन को लेकर क्या नियम हैः-
चीन
चीन में हैनान द्वीप के जातीय अल्पसंख्यक उत्सुल समुदाय के लोगों पर कुछ रोकटोक लगाई गई थी. चीन कम्युनिस्ट सरकार ने उइगर मुस्लिमों की तरह ही इन पर धार्मिक प्रतिबंध लगाई थी, जिसका अंतराष्ट्रीय स्तर पर भी विरोध हुआ. हैनान के द्वीप प्रांत के सान्या शहर में केवल 10 हजार की आबादी वाले इस छोटे से उत्सुल मुस्लिम समुदाय को स्कूलों और सरकारी कार्यालयों में अपने पारंपरिक कपड़े पहनने को लेकर टारगेट किया गया.
फ्रांस
आउटलुक की रिपोर्ट के अनुसार, 2011 में फ्रांस पहला ऐसा देश बन गया था, फेस कवर करने वाले बुर्का पर बैन लगाया गया था. बता दें कि पहले तो स्कूल से इसकी शुरुआत हुई थी और साल 2004 में इस पर बैन लगा दिया था. इसके बाद 2011 में पब्लिक प्लेस में चेहरा ढकना पर बैन लगा दिया गया था. साथ ही इसका उल्लंघन करने वाले लोगों पर जुर्माने का प्रावधान है और अगर किसी महिला पर बुर्का पहनने के लिए दबाव डाला जाता है तो उस पर ज्यादा जुर्माना है.
स्विट्जरलैंड
साल 2021 में स्विट्जरलैंड ने बुर्का पर बैन लगा दिया था. इस फैसले के बाद से फिर धार्मिक आजादी, सुरक्षा, महिला अधिकारों को लेकर विवाद हुआ था. हालांकि, इसके बाद 51 फीसदी वोटर्स ने बैन के पक्ष में वोटिंग की थी.
नीदरलैंड्स
अगस्त 2019 में नीदरलैंड्स में भी बुर्का, नकाब पर आंशिक प्रतिबंध लगा दिया गया था. वहां सरकार ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट, सरकारी इमारतों, शिक्षण संस्थान, अस्पताल आदि में इनके इस्तेमाल पर बैन लगाया था. सरकार ने फेस कवरिंग परिधानों पर बैन लगाया था और पालन ना करने पर जुर्माने का प्रावधान रखा गया.
श्रीलंका
अप्रैल 2021 में श्रीलंका की कैबिनेट ने बुर्का पर बैन लगाने का प्रस्ताव पास किया. यहां कुछ हमलों और नेशनल सिक्योरिटी को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया था, क्योंकि उस दौरान श्रीलंका में कई आतंकी हमलों को अंजाम दिया गया था.
बेल्जियम
जुलाई, 2011 में बेल्जियम ने चेहरा कवर करने वाले परिधानों पर बैन लगाया था. ऐसा ना करने पर सात दिन की जेल की सजा और जुर्माना का प्रावधान रखा गया था. वैसे यहां बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाएं रहती हैं और वो इसके पक्ष में है.
ऑस्ट्रिया
अक्टूबर 2017 में ऑस्ट्रिया ने धार्मिक परिधानों समेत फुल फेस कवरिंग परिधानों पर बैन लगा दिया था, जिसमें बुर्का और नकाब आदि शामिल है. इसके लिए करीब 12 हजार रुपये तक का जुर्माना भी रखा गया है और पुलिस मुंह ढकने वाले लोगों पर कार्रवाई कर सकती है.
बुलगेरिया
2016 में बुलगेरिया की संसद ने सुरक्षा को देखते हुए चेहरा ढकने वाले कपड़ों पर बैन लगाया था. इसके अलावा ऐसा ना करने वाले लोगों पर जुर्माने का प्रावधान भी है.
अयोध्याः कर्नाटक से शुरू हुए हिजाब विवाद पर राजनीति लगातार बढ़ती जा रही है. इस बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की मुस्लिम शाखा ने कर्नाटक की छात्रा बीबी मुस्कान खान का समर्थन किया है। संघ ने कहा कि हिजाब या ’पर्दा’ भी भारतीय संस्कृति का हिस्सा है.

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox