मानसी शर्मा /- भारत ने अग्नि-प्राइम मिसाइल का सफल परीक्षण कर देश की रणनीतिक ताकत में नया आयाम जोड़ दिया है। इस मिसाइल का परीक्षण DRDO ने ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से रेल मोबाइल लॉन्चर के माध्यम से किया। अग्नि-प्राइम, अग्नि मिसाइल श्रृंखला की सबसे उन्नत और 2000 किलोमीटर रेंज वाली नई पीढ़ी की मिसाइल है, जो अत्यधिक सटीक निशाना साधने और तेज़ी से लॉन्च होने में सक्षम है।
नई मिसाइल की खासियत
अग्नि-प्राइम को कैनिस्टर डिज़ाइन में रखा गया है, जिससे यह बारिश, धूल और अत्यधिक गर्मी जैसी मौसम संबंधी परिस्थितियों से सुरक्षित रहती है।
यह मिसाइल तेज़ रिएक्शन टाइम वाली है और कम विज़िबिलिटी वाले हालात जैसे रात, धुंध या बारिश में भी सटीक निशाना साध सकती है।
इसे रेल-आधारित मोबाइल लॉन्चर से दागा जा सकता है, जो पूरे रेलवे नेटवर्क पर कहीं भी और कभी भी मूव कर सकता है। यह दुर्गम इलाके जैसे पहाड़, जंगल या मैदान में भी आसानी से पहुंच सकता है।
रणनीतिक महत्व
इस परीक्षण के सफल होने के बाद भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है, जिनके पास चलते-फिरते प्लेटफॉर्म से कैनिस्टर-आधारित मिसाइल लॉन्च करने की क्षमता है। यह प्रणाली पहले की फिक्स्ड साइट लॉन्च क्षमता की तुलना में सुरक्षा और जवाबी कार्रवाई की क्षमता को कई गुना बढ़ाती है।
देश और वैश्विक स्तर पर उपलब्धि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस उपलब्धि पर देशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विज़न की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अग्नि-प्राइम अग्नि श्रृंखला की छठी मिसाइल है और इसे जल्द ही भारतीय सेना में शामिल किया जाएगा। इस सफलता के साथ भारत अमेरिका और रूस जैसी वैश्विक सैन्य शक्तियों के साथ मिसाइल तकनीक में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा हो गया है।


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