नई दिल्ली/अनीशा चौहान/- पूर्व बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बांग्लादेश छोड़ने के बाद पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बांग्लादेश में हो रही हिंसा और प्रदर्शनों पर चिंता व्यक्त की है और पिछले दिनों हुई हत्याओं के लिए सख्त कार्रवाई की मांग की है। शेख हसीना ने अपने बयान में 15 अगस्त, 1975 की दुखद घटना को याद किया, जब उनके पिता, तत्कालीन राष्ट्रपति और बंगबधु शेख मुजीबुर रहमान समेत उनके परिवार के 13 से अधिक सदस्य मारे गए थे।
शेख हसीना ने बांग्लादेश में हाल ही में हुई घटनाओं पर दुख जताते हुए कहा कि बंगबधु भवन को तोड़ना शर्मनाक है। उन्होंने कहा, “मेरी संवेदनाएं उन लोगों के साथ हैं जो अपने प्रियजनों को खोने के दर्द से जूझ रहे हैं।” उन्होंने हत्याओं और तोड़फोड़ में शामिल लोगों को सख्त सजा देने की मांग की है। बंगबधु भवन को स्वतंत्रता स्मारक के रूप में जाना जाता है और इसे अतीत के अत्याचारों की याद दिलाने वाला माना जाता है।
15 अगस्त को बांग्लादेश में राष्ट्रीय शोक दिवस मनाया जाता है, इस दिन बंगबधु मुजीबुर्रहमान की हत्या की गई थी। शेख हसीना ने बांग्लादेश के लोगों से अपील की है कि वे इस दिन को गरिमा के साथ मनाएं और शहीदों की स्मृति में प्रार्थना और पुष्पांजलि अर्पित करें।
बांग्लादेश छोड़ने के बाद शेख हसीना वर्तमान में भारत में रह रही हैं और किसी अन्य देश में राजनैतिक शरण की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, अभी तक उन्हें ब्रिटेन, अमेरिका, यूएई या फिनलैंड में शरण नहीं मिली है। शेख हसीना के इस्तीफे के बाद बांग्लादेश में अंतरिम सरकार का गठन किया गया है, जिसके मुखिया नोबल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस हैं।


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