बढ़ते प्रदूषण के बीच नहीं थम रही पराली जलाने की घटना

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May 9, 2026

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बढ़ते प्रदूषण के बीच नहीं थम रही पराली जलाने की घटना

मानसी शर्मा /- सर्दी आते ही दिल्ली-एनसीआर की हवा की गुणवत्ता में गिरावट शुरु हो चुकी है। दिल्ली सरकार ने इससे निपटने के लिए ग्रैप-2 लागू कर चुकी है। सरकार अक्सर प्रदूषण की बड़ी वजहों में पड़ोसी राज्यों में पराली का जलना बताते है। लेकिन सरकार की सभी प्रयासों के बावजूद भी किसान पराली जला रहे है। इसकी उनके पास अपनी मजबूरियां है। लेकिन नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने पराली जलाने से होने वाली प्रदूषण को लेकर चिंता व्यक्त की है। एनजीटी पंजाब के मुख्य सचिव और केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड के मेंबर सचिव को नोटिस जारी किया है। एनजीटी ने यह नोटिस समाचार पत्रों के रिपोर्ट के आधार पर जारी किया गया है। नोटिस में कहा गया है कि पिछले वर्षों के अपेक्षा इस साल पराली जलाने में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।  

Air Pollution: तरनतारन और अमृतसर में 63 फीसदी बढ़ोतरी
इस मामले पर एनजीटी अब 8 नवंबर, बुधवार को सुनवाई करेगी। एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की बेंच ने कहा कि समाचार पत्रों की रिपोर्ट की मानें तो पंजाब के अमृतसर और तरनतारन जिले में इस साल पराली जलाने की घटनाओं में 63 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस पर किसानों ने कहा कि उन्हें इसके अलावा कोई विकल्प नहीं है। नीति निर्माता भी उनकी मदद नहीं कर रहे है।

सरकार की दलील कम हुई है पराली जलाने की घटना
इस मामले पर सुनवाई के दौरान पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कहा कि पिछले साल यानी 2022 के मुकाबले इस साल यानी 2023 में पराली जलाने की घटनाओं में कमी दर्ज की गई है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पंजाब सरकार की ओर से कहा कि पराली जलाने की घटना कम हो इसके लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए है।

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