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मानसी शर्मा/- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने BRICS देशों को खुली धमकी दी है कि अगर वे डॉलर की जगह किसी अन्य मुद्रा का प्रयोग करेंगे तो उन पर 100% टैरिफ लगाया जाएगा। यह घोषणा ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर की थी, जिसमें उन्होंने कहा कि BRICS देशों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे न तो कोई नई BRICS मुद्रा बनाएंगे और न ही किसी अन्य मुद्रा को डॉलर की जगह लेने के लिए समर्थन देंगे। अन्यथा, उन्हें अमेरिकी बाजार में बिक्री के अवसरों को खोने के लिए तैयार रहना होगा। ट्रंप ने कहा कि अगर ऐसा नहीं होता है तो इन देशों के लिए अमेरिकी बाजार के दरवाजे बंद हो जाएंगे। उन्हें व्यापार करने के लिए कोई और बाजार ढूंढना होगा।
साथ ही ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि इसकी कोई संभावना ही नहीं है कि ब्रिक्स देश इंटरनेशनल बाजार में अमेरिकी डॉलर की जगह किसी अन्य करेंसी को तवज्जो दें। ट्रंप ने शपथ लेने के बाद सबसे पहले ओवल ऑफिस पहुंचकर कई कार्यकारी आदेशों पर साइन किए थे। इस दौरान उन्होंने ब्रिक्स देशों को धमकाते हुए कहा था कि अगर ब्रिक्स अमेरिका विरोधी नीतियां लाता है तो उन्हें इसका अंजाम भुगतना होगा।
BRICS का सदस्य है भारत भारत, जो BRICS का एक सदस्य है, इस चेतावनी से सीधे प्रभावित हो सकता है क्योंकि इससे उसके अमेरिका के साथ व्यापार संबंध प्रभावित होंगे। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया है कि भारत डॉलर के खिलाफ नहीं है और न ही किसी BRICS करेंसी को लाने का प्रस्ताव है। यह मुद्दा व्यापक अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित कर रहा है क्योंकि यह न केवल व्यापार और आर्थिक संबंधों को प्रभावित कर सकता है बल्कि वैश्विक वित्तीय प्रणाली के भविष्य पर भी प्रश्न उठाता है।
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