गुरुग्राम/उमा सक्सेना/- गुरुग्राम स्थित एसजीटी कैंपस में पीएम श्री स्कूलों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों के लिए तीन दिवसीय फेज-2 इनोवेशन, डिज़ाइन और उद्यमिता (IDE) बूटकैंप का सफल आयोजन किया गया। इस बूटकैंप में देश के विभिन्न राज्यों से आए 190 से अधिक प्रधानाचार्यों और शिक्षकों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूल शिक्षा में नवाचार, डिज़ाइन थिंकिंग और उद्यमी सोच को मजबूत करना रहा।
केंद्रीय संस्थानों के सहयोग से हुआ आयोजन
इस बूटकैंप का आयोजन स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) और शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल (MIC) द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। आयोजन में वाधवानी फाउंडेशन का भी सहयोग रहा, जो उद्यमिता शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है। तीनों संस्थाओं ने मिलकर शिक्षकों को भविष्य उन्मुख शिक्षण पद्धतियों से जोड़ने का प्रयास किया।
डिज़ाइन थिंकिंग और नवाचार पर रहा विशेष फोकस
बूटकैंप के पहले और दूसरे दिन नवाचार की मूल अवधारणाओं, डिज़ाइन थिंकिंग, समस्या पहचान, ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण और मूल्य सृजन जैसे विषयों पर गहन सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों का संचालन डॉ. एम. चित्रा और सुश्री मौमिता आचार्य ने किया। समूह गतिविधियों, केस स्टडी और अनुभवात्मक शिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को नवाचार आधारित शिक्षण मॉडल से परिचित कराया गया।
स्टार्टअप अनुभवों से रूबरू हुए शिक्षक
प्रतिभागियों को उद्यमिता की वास्तविक दुनिया से जोड़ने के लिए ‘इंस्पायर टू स्टार्ट’ विषय पर एक पैनल चर्चा आयोजित की गई। इसमें हर्बचिक के संस्थापक अंकित और वेंचरबोल्ट के संस्थापक डॉ. सौरभ त्रिवेदी ने स्टार्टअप आइडिएशन, क्रियान्वयन की चुनौतियों और नवाचार आधारित समाधान पर अपने अनुभव साझा किए। इस सत्र ने शिक्षकों को छात्रों में स्टार्टअप संस्कृति विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
वित्तीय साक्षरता और बिजनेस मॉडल पर विशेष सत्र
बूटकैंप के तीसरे दिन का फोकस निष्पादन, वित्तीय समझ और उद्यमिता की स्थिरता पर रहा। डॉ. एम. चित्रा और डॉ. अजीता श्रीवास्तव द्वारा प्रोटोटाइपिंग, वित्तीय साक्षरता, बिजनेस मॉडल विकास, छात्र स्टार्टअप्स के लिए फंडिंग और अनुदान के अवसरों पर विस्तृत जानकारी दी गई। प्रतिभागियों ने संरचित पिचिंग अभ्यास के जरिए अपने विचार प्रस्तुत किए।
स्टार्टअप इकोसिस्टम का प्रत्यक्ष अनुभव
प्रतिभागियों ने कोबोटिक्स लैब, एसीआईसी एसजीटीयू इनक्यूबेशन सेंटर, ईवी लैब, एप्पल लैब और यूनिवर्सिटी एक्सीलेंस सेंटर का भी भ्रमण किया। इस दौरान उन्हें नवाचार सुविधाओं, जीवंत स्टार्टअप इकोसिस्टम और छात्र-नेतृत्व वाले उद्यमों को नजदीक से देखने का अवसर मिला।
प्रमाण पत्र वितरण के साथ बूटकैंप का समापन
समापन सत्र में प्रतिभागियों से फीडबैक लिया गया और प्रमुख सीखों पर चर्चा की गई। बूटकैंप को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले सभी प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम का समापन एसीआईसी एसजीटी के सीईओ ऋषि शर्मा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने देशभर के शिक्षकों में नवाचार, डिज़ाइन थिंकिंग और उद्यमी मानसिकता को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई।


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