पिथौरागढ़ में आदि कैलाश यात्रा 2026 की तैयारियां तेज, 28 अप्रैल से परमिट

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August 10, 2026

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-प्रशासन पूरी तरह तैयार, सुरक्षित यात्रा पर विशेष जोर

उत्तराखंड/उमा सक्सेना/-  उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में प्रस्तावित कैलाश यात्रा 2026 को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी आशीष भटगांई की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए। श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए सभी संबंधित विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

परमिट प्रक्रिया और कपाट खुलने की तिथि
प्रशासन ने जानकारी दी कि यात्रा के लिए इनर लाइन परमिट की प्रक्रिया 28 अप्रैल 2026 से शुरू होगी, जिसमें श्रद्धालु ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। यह परमिट धारचूला उपजिलाधिकारी कार्यालय के माध्यम से जारी किए जाएंगे। वहीं जोलिंगकोंग स्थित प्रमुख शिव मंदिर के कपाट 1 मई 2026 से श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे, जिससे यात्रा औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी।

स्वास्थ्य, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं पर फोकस
यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। पिथौरागढ़ और धारचूला के साथ मुख्यालय में भी नियमित स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही प्रमुख स्थानों पर चिकित्सा शिविर, एएलएस एंबुलेंस और प्रत्येक चेकपोस्ट पर चिकित्सा कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन ने सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, खाद्य सामग्री और दूरसंचार सेवाओं को भी दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं।

सड़क और परिवहन व्यवस्थाओं की समीक्षा
बैठक में यात्रा मार्गों की स्थिति का जायजा लेते हुए धारचूला से गुंजी और आगे आदि कैलाश व कालापानी तक सड़कों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। संबंधित एजेंसियों को कहा गया कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी खामियों को दूर कर लिया जाए। इसके अलावा टैक्सी, पार्किंग, ठहरने की व्यवस्था, बिजली, पानी और शौचालय जैसी सुविधाओं को भी व्यवस्थित रखने पर जोर दिया गया।

निगरानी और व्यवस्थाओं का निरीक्षण
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यात्रा शुरू होने से पहले एक विशेष टीम बनाकर पूरे मार्ग का निरीक्षण किया जाए और विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। साथ ही परमिट प्रक्रिया और आने वाले श्रद्धालुओं का पूरा रिकॉर्ड रखने के भी निर्देश दिए गए, ताकि भविष्य में और बेहतर योजना बनाई जा सके। प्रशासन ने साफ किया है कि यात्रा को सुरक्षित, सुचारु और यादगार बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।

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