पितृ पक्ष में चंद्र ग्रहण तो कैसे होगा प्रतिपदा श्राद्ध, जानें सूतक काल और इसका प्रभाव

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
August 19, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

पितृ पक्ष में चंद्र ग्रहण तो कैसे होगा प्रतिपदा श्राद्ध, जानें सूतक काल और इसका प्रभाव

मानसी शर्मा /-   हिंदू धर्म में चंद्र ग्रहण को अशुभ माना जाता है, क्योंकि इस दौरान वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसे लेकर विश्वास है कि ग्रहण के दौरान किए गए काम अशुभ फल दे सकते हैं। साल 2024 का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण 18 सितंबर, बुधवार को लगेगा। इससे पहले इस साल का पहला चंद्र ग्रहण 24 मार्च को हुआ था।

यह चंद्र ग्रहण मीन राशि में हो रहा है। इस समय क्रूर ग्रह राहु मीन राशि में उपस्थित हैं और अब चंद्रमा भी इसी राशि में प्रवेश करेगा। इसके परिणामस्वरूप चंद्रमा और राहु की युति होगी और चंद्र ग्रहण लगेगा। यह ग्रहण विशेष रूप से प्रतिपदा श्राद्ध के दिन पड़ेगा, जो धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है।

चंद्र ग्रहण का समय और सूतक काल

18 सितंबर को लगने वाला यह चंद्र ग्रहण उपछाया चंद्र ग्रहण होगा। भारतीय समय के अनुसार, यह ग्रहण सुबह 6 बजकर 12 मिनट पर शुरू होगा और सुबह 10 बजकर 17 मिनट पर समाप्त होगा। इस प्रकार, यह ग्रहण लगभग 4 घंटे तक चलेगा। चूंकि यह आंशिक चंद्र ग्रहण है और भारत में नहीं दिखाई देगा, इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। इस वजह से, प्रतिपदा तिथि के श्राद्ध पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा, और श्राद्ध कर्म बिना किसी बाधा के किए जा सकेंगे।

इन जगहों पर दिखेगा चंद्र ग्रहण

चूंकि यह चंद्र ग्रहण भारतीय समय के अनुसार दिन में लगेगा, इसे भारत में नहीं देखा जा सकेगा। यह ग्रहण मुख्य रूप से यूरोप, अमेरिका, अफ्रीका, और एशिया के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा।

इस प्रकार, 18 सितंबर का चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा और इसके धार्मिक असर को लेकर कोई विशेष सावधानी की आवश्यकता नहीं होगी।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox