नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- राजधानी नई दिल्ली के पालम क्षेत्र में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड के बाद आयोजित शोकसभा ने अचानक राजनीतिक रंग ले लिया। एक ही परिवार के 9 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद गुरुवार को आयोजित श्रद्धांजलि सभा का माहौल उस समय बिगड़ गया, जब आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते यह बहस धक्का-मुक्की, नारेबाजी और कुर्सियां फेंकने तक पहुंच गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और सभा स्थल पर भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई।

कैसे बढ़ा विवाद और बिगड़ा माहौल
जानकारी के अनुसार, घटना के विरोध में राम चौक मार्केट बंद रखा गया था और दोपहर में शोकसभा आयोजित की गई थी। विवाद तब शुरू हुआ जब सौरभ भारद्वाज ने दमकल व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि समय पर राहत उपकरणों का इस्तेमाल नहीं हो पाया। इस पर पालम से भाजपा विधायक कुलदीप सोलंकी ने कड़ी आपत्ति जताई। दोनों पक्षों के बीच यह बहस तेजी से बढ़ी और देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया, जिसमें समर्थकों के बीच झड़प भी शुरू हो गई।

पीड़ित परिवार को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया
हंगामे के दौरान स्थिति इतनी बिगड़ गई कि जिस परिवार के लिए सभा आयोजित की गई थी, उसी को सुरक्षित स्थान पर ले जाना पड़ा। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से पीड़ित परिवार को भीड़ से दूर पहली मंजिल पर शिफ्ट किया गया। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप किया और भीड़ को शांत कराने का प्रयास किया।


राजनीतिक नेताओं का दौरा और सुरक्षा व्यवस्था
घटना के कुछ समय बाद अरविंद केजरीवाल और आतिशी भी अन्य नेताओं के साथ मौके पर पहुंचे। हालांकि, उस दौरान भी भीड़ काफी ज्यादा थी, जिससे अव्यवस्था बनी रही। पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच नेताओं को सुरक्षित बाहर निकाला। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या संवेदनशील मौकों पर भी राजनीति हावी हो रही है।


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