पाकिस्तान में नवाज शरीफ की बढ़ रही पॉपुलैरिटी, रेटिंग में इमरान खान को पीछे छोड़ा,

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April 8, 2026

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पाकिस्तान में नवाज शरीफ की बढ़ रही पॉपुलैरिटी, रेटिंग में इमरान खान को पीछे छोड़ा,

-कई प्रांतों में पूर्व पीएम का अभी भी जलवा कायम
नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/पाकिस्तान/शिव कुमार यादव/- पाकिस्तान में भले ही इमरान खान की सरकार हो लेकिन कुछ प्रांतों में पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का जलवा कायम है। एक सर्वे के अनुसार, पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के सुप्रीमो नवाज शरीफ प्रधानमंत्री इमरान खान की तुलना में देश के कई प्रांतों में लोकप्रियता रेटिंग में आगे चल रहे हैं।
                  पंजाब में 58 फीसदी, खैबर पख्तूनख्वा (केपी) में 46 फीसदी और सिंध प्रांत में 51 फीसदी की लोकप्रियता के साथ नवाज शरीफ इमरान खान के साथ आगे चल रहे हैं। द न्यूज इंटरनेशनल के अनुसार, प्रधानमंत्री इमरान खान ने खैबर पख्तूनख्वा में 46 प्रतिशत और सिंध व पंजाब में 33 प्रतिशत के साथ लोकप्रियता में गिरावट देखी है।
               रिपोर्ट में कहा गया है कि ये 22 दिसंबर से 31 जनवरी 2022 तक किए गए रिसर्च कंपनी गैलप पाकिस्तान के ओपिनियन सर्वे के निष्कर्ष थे, जिसमें पीएमएल-एन सुप्रीमो नवाज शरीफ, पीएम इमरान खान, पीएमएलएन अध्यक्ष शहबाज शरीफ और पीपीपी अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी की लोकप्रियता के बारे में देश भर से 5,000 लोगों के विचार मांगे गए थे। वर्तमान सर्वे में, केपी में नवाज शरीफ को 46 फीसदी, पीएम इमरान खान के लिए 44 फीसदी, शहबाज शरीफ 43 फीसदी, बिलावल भुट्टो और आसिफ जरदारी को केपी में 24 फीसदी लोगों का समर्थन मिला।
              केपी में पीएम इमरान को लेकर संतुष्टि के स्तर में उल्लेखनीय कमी आई है जो फरवरी 2020 में 67 प्रतिशत से घटकर वर्तमान सर्वेक्षण में 44 प्रतिशत हो गई है, जबकि बिलावल भुट्टो का संतुष्टि स्तर 26 प्रतिशत से 24 प्रतिशत तक गिर गया है। इस बीच एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया कि 45 प्रतिशत से अधिक पाकिस्तानी अपने प्रधानमंत्री इमरान खान के भ्रष्टाचार मुक्त शासन देने के स्व-घोषित ब्रांड से सहमत नहीं हैं।
                द न्यूज इंटरनेशनल अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, कम से कम 62 फीसदी लोगों का मानना है कि खैबर पख्तूनख्वा में प्रांतीय चुनावों में सत्तारूढ़ पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की हार के लिए टिकटों का गलत वितरण हुआ, जबकि 30 फीसदी लोगों का मानना है कि यह भ्रष्टाचार के कारण हुआ। यह हानिकारक पोल इमरान खान पार्टी के प्रवक्ताओं द्वारा किए गए दावों के विपरीत है, जिन्होंने उन्हें एक नया भ्रष्टाचार मुक्त ब्रांड बताया।  

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