धराली/किन्नौर/शिव कुमार यादव/- उत्तराखंड के उत्तरकाशी धराली में बादल फटने की घटना से हुई भयंकर तबाही के बीच अब हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में बादल फटने की घटना सामने आई है। बड़ी संख्या में घर, रिसॉर्ट और होटल बह गए हैं। सेना के जवानों समेत बड़ी संख्या में लोग लापता है। मौसम ठीक ना होने के कारण अभी ठीक से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू नहीं हो पाया है।

किन्नौर में बादल फटने से बड़ी संख्या में लोग बाढ़ में फंस हुए हैं। आईटीबीपी की 17वीं बटालियन की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया है और 413 से अधिक लोगों की जान बचाई है। ये सभी तीर्थयात्री थे, जो कैलाश यात्रा पर निकले थे। यह बचाव अभियान आईटीबीपी के 1 गैजेटेड अधिकारी, 4 सबऑर्डिनेट अधिकारियों और 29 अन्य रैंक के जवानों द्वारा एनडीआरएफ की 14 सदस्यीय एक टीम के समन्वय से चलाया जा रहा है।

हिमाचल में बारिश-बाढ़-लैंडस्लाइड से तबाही
अभी तक 500 से ज्यादा सड़कें बंद हो गई हैं। एहतीयातन मंडी-कुल्लू, शिमला में स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है। किन्नौर जिले के एक नाले में भयंकर बाढ़ आई है। कई जगह चलती बसों पर पेड़ गिरने से लोग फंसे हुए हैं। बद्दी में पुल क्षतिग्रस्त हुआ है। मानसून सीजन में अभी तक 192 लोगों की मौत हुई है, 1852 करोड़ की संपत्ति को नुकसान हुआ है।


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