नई दिल्ली/अनीशा चौहान/- दिल्ली पंचायत संघ ने दिल्ली नगर निगम के मेयर चुनाव में “आप” पार्टी के कुछ पार्षदों द्वारा अपनी पार्टी के खिलाफ वोट देने पर उनका आभार व्यक्त किया है। यह कदम गांवों के हाउस टैक्स माफी और ग्रामीण हितों की उपेक्षा के खिलाफ एक अहम संदेश है। पंचायत संघ के प्रमुख थान सिंह यादव ने इसे गांवों, गरीबों और किसानों के पक्ष में उठाया गया साहसिक कदम बताया।
पंचायत संघ प्रमुख थान सिंह यादव ने बताया कि आम आदमी पार्टी के ग्रामीण पृष्ठभूमि के पार्षदों से आग्रह किया था कि वे मेयर चुनाव में अपनी पार्टी के पार्षद को वोट ना दे, क्योंकि निवर्तमान में शैली ओबराय ने गांवो को हाउस टैक्स से मुक्त करने का वादा पूरा नहीं किया। उन्होंने “आप” पार्टी के सभी पार्षदों और विधायकों से आग्रह किया कि वे दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व मेयर डॉ. शैली ओबरॉय द्वारा किए गए वादे—गांवों के हाउस टैक्स माफ करने—को नवनियुक्त मेयर से जल्द पूरा कराने के लिए आगे आएं।
ग्रामीणों की मुख्य मांगें:
गांवों को हाउस टैक्स से मुक्ति: दिल्ली के ग्रामीण क्षेत्रों को हाउस टैक्स से मुक्त किया जाए।
भवन उपनियम से बाहर: गांवों को नगर निगम के भवन उपनियमों से बाहर किया जाए।
व्यावसायिक श्रेणी में नोटिफिकेशन: रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए गांवों को व्यावसायिक श्रेणी में अधिसूचित किया जाए। बुक की गई संपत्तियों को फ्री किया जाए।
युवाओं को रोजगार: नगर निगम की सेवाओं में 100% आरक्षण के साथ युवाओं को नौकरियां दी जाएं।
बारातघर का प्रावधान: हर गांव में बारातघर बनाए जाएं।
पंचायत संघ प्रमुख थान सिंह यादव ने कहा कि यदि नवनियुक्त मेयर और सरकार इन मांगों को पूरा नहीं करते हैं, तो आगामी चुनाव में इसके खिलाफ भारी मतदान किया जाएगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि दिल्ली देहात के गरीब ग्रामीण किसानों की मांगों को पूरा कराने के लिए बड़े पैमाने पर आंदोलन चलाया जाएगा।


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