उत्तरकाशी/अनीशा चौहान/- उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली क्षेत्र में मंगलवार सुबह अचानक बादल फटने की घटना ने भयावह तबाही मचा दी। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 50 से अधिक लोगों के लापता होने की सूचना है। पहाड़ों से बहकर आए मलबे और पानी ने धराली गांव, बाजार, होटल, लॉज और होमस्टे को अपने चपेट में ले लिया। इस त्रासदी ने गंगोत्री धाम की ओर जाने वाले रास्ते को पूरी तरह ठप कर दिया है।
त्रासदी का खौफनाक मंजर: प्रत्यक्षदर्शियों की जुबानी
प्रत्यक्षदर्शियों ने इस हादसे को “कुछ ही पलों में सब कुछ उजड़ जाने वाला मंजर” बताया।
एक स्थानीय दुकानदार ने कहा “सुबह अचानक तेज आवाज आई और कुछ ही देर में पानी और मलबे का सैलाब सब कुछ बहाकर ले गया। दुकानों, घरों और होटलों का नामोनिशान मिट गया। लोग चीखते-चिल्लाते हुए इधर-उधर भाग रहे थे।”
वहीं, एक पर्यटक ने बताया “हम अपने परिवार के साथ गंगोत्री दर्शन के लिए आए थे, लेकिन यह हादसा जीवन का सबसे डरावना अनुभव बन गया। हमारा होमस्टे मलबे में दब गया और बाहर निकलने का रास्ता तक नहीं बचा। धराली में मौजूद कई घर, होटल और रेस्तरां पूरी तरह से तबाह हो चुके हैं। खीर गाढ़ नदी के जलग्रहण क्षेत्र में अचानक आए उफान से पानी और मलबे ने गांव के हर कोने को अपनी चपेट में ले लिया।
राहत और बचाव कार्य में तेजी
हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, NDRF, SDRF, पुलिस और सेना की टुकड़ियां राहत और बचाव कार्यों में जुट गईं। हर्षिल आर्मी, NDRF की तीन टीमें, और शास्त्रधार हवाई पट्टी पर दो अतिरिक्त टीमें एयरलिफ्ट के लिए तैयार की गई हैं।
उत्तरकाशी के SDM देवानंद ने बताया “हमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज करना पड़ रहा है क्योंकि कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है और राहत सामग्री भी पहुंचाई जा रही है।”
प्रशासन ने बताया स्थिति गंभीर
उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया, “स्थिति बेहद गंभीर है। खीर गाढ़ नदी में बादल फटने से अत्यधिक पानी और मलबा धराली बाजार तक आ गया, जिससे पूरा क्षेत्र तबाह हो गया। अब तक 4 मौतों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 50 से अधिक लोग लापता हैं और करीब 12 लोग मलबे में दबे हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि राहत कार्य लगातार जारी है और आपातकालीन टीमें दिन-रात स्थिति को संभालने में लगी हैं।


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