नई दिल्ली/सिमरन मोरया/- दिल्ली के द्वारका ज़िले की साइबर पुलिस ने एक हाई-प्रोफाइल एडमिशन धोखाधड़ी सिंडिकेट का पर्दाफ़ाश करते हुए दो शातिर जालसाज़ों को इंदिरापुरम, गाज़ियाबाद (उत्तर प्रदेश) से गिरफ्तार किया है। ये आरोपी दिल्ली-एनसीआर के प्रतिष्ठित कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में फर्जी ‘एडमिशन कंसल्टेंट’ बनकर, अभिभावकों को ठगते थे। पुलिस ने इनके कब्जे से ₹1.34 करोड़ नकद, 6 हाई-एंड मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप और अन्य दस्तावेज़ भी बरामद किए हैं।
जांच और पुलिस की कार्रवाई
द्वारका जिले के डीसीपी अंकित सिंह ने मामले के संदर्भ में बताया कि यह मामला तब उजागर हुआ जब 25 अगस्त 2025 को दिल्ली पुलिस की हेड कांस्टेबल श्रीमती मुकेश ने साइबर थाना द्वारका में शिकायत दर्ज कराई। उन्हें एक बल्क एसएमएस के जरिए सूचना मिली थी जिसमें उनके बेटे को आईपी यूनिवर्सिटी में मैनेजमेंट कोटे के तहत दाखिला देने का दावा किया गया था।
एसएमएस में दिए गए नंबर पर संपर्क करने पर उन्हें नेहरू प्लेस स्थित ऑफिस में बुलाया गया, जहां बातचीत के बाद सूरजमल कॉलेज में 3.5 लाख रुपये में दाखिले का वादा किया गया। पीड़िता ने 2.3 लाख रुपये जमा भी कर दिए, लेकिन इसके बाद आरोपी मोबाइल बंद कर गायब हो गए और ऑफिस खाली मिला।
साइबर थाना द्वारका की एक समर्पित टीम ने गहन डिजिटल निगरानी, आईपी ट्रेसिंग, और डिजिटल फुटप्रिंट एनालिसिस के ज़रिए आरोपियों का लोकेशन ट्रेस किया। इसके बाद इंदिरापुरम, गाज़ियाबाद में छापेमारी कर दोनों आरोपियों को गिरफ़्तार किया गया।
दोनों आरोपियों से उनके नेटवर्क और अन्य राज्यों में फैले संभावित साथियों के बारे में पूछताछ जारी है। बरामद नकदी की जानकारी आयकर विभाग को दे दी गई है ताकि आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके।


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