नई दिल्ली/सिमरन मोरया/- मटियाला विधानसभा के अंतर्गत आने वाला दौलतपुर गांव आज एक समस्या का अंबार बन चुका है। जहाँ एक प्राचीन तालाब ने डरावना रूप लेलिया है। वहीं दूसरी ओर राजधानी दिल्ली में विकास के बड़े – बड़े दावे किए जाते हैं।

आज दक्षिणी – पश्चिमी जिले में स्थित दौलतपुर गांव में जंगली झाड़ियों, ऊंची घांसे, गंदगी और दूषित जल ने जलाश्य को इस प्रकार से घेरा हुआ है, कि वह अब आए दिन एक बड़ी घटना को संदेश देने वाला है।
इसमें गांव के बेजुबान जानवर अपनी जान गंवा रहे हैं। यहाँ पर आने- जाने वाले लोगों को बहुत मुश्किले आती हैं, क्योंकि पता ही नहीं लगता कि रास्ता कहां से शुरू होता है और तालाब कहां खत्म हुआ।
ऑनलाइन शिकायत दर्ज
गांव के निवासी करतार सिंह, अजय सोलंकी ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज आज से एक साल पहले करी लेकिन शिकायत को अभी तक लंबित रखा हुआ है। उसपर प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

स्थानीय लोगों ने क्या कहा?
गांव के लोगों से बात करने के बाद पता चला कि उन्होंने जनवरी 2024 – 2025 से न जाने कितनी बार प्रशासन को नोटिस भेजा और ऑनलाइन शिकायत दर्ज की। उनका कहना था कि सरकारी कर्मचारी इस तालाब की सफाई के लिए दूसरे विभाग को जिम्मेदार ठहराते हैं। लेकिन समाधान “निल बटा सन्नाटा”। लोगों को ना जाने किन – किन बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। उनके बच्चे बुखार से तड़प रहे हैं और गंदी बदबू के कारण वहां रहना मुश्किल हो रहा है।

अब देखना ये है कि आखिर कितने दिन में सरकार इस समस्या पर अपना संगयान कब लेगी?


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