देहरादून में बादल फटने से तबाही, 15 लोगों की मौत, 16 लापता, भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

January 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  
January 19, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

देहरादून में बादल फटने से तबाही, 15 लोगों की मौत, 16 लापता, भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी

उत्तराखंड/देहरादून/अनीशा चौहान/- उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में 15 सितंबर की रात हुई भारी बारिश और बादल फटने की घटना ने पूरे क्षेत्र में भयानक तबाही मचा दी। प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सहस्त्रधारा में तमसा नदी के उफान के कारण कई घर, दुकानें और सड़कें ध्वस्त हो गईं। इसके अलावा मालदेवता, संतला देवी और डालनवाला भी प्रभावित हुए। टपकेश्वर महादेव मंदिर जलमग्न हो गया। अब तक इस आपदा में राज्य भर में 15 लोगों की मौत हुई और 16 अन्य लापता बताए जा रहे हैं। मौसम विभाग ने 17 से 21 सितंबर तक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है, जिससे भूस्खलन और बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है।

देहरादून में तबाही

देहरादून के सहस्त्रधारा, मालदेवता, प्रेमनगर और मसूरी जैसे इलाकों में रात भर हुई मूसलाधार बारिश ने भारी नुकसान पहुंचाया। तमसा और चंद्रभागा नदियां उफान पर आ गईं, कई पुल बह गए, सड़कें कट गईं और वाहन बहा दिए गए। मालदेवता में 100 मीटर लंबी सड़क धंस गई, जबकि देहरादून-मसूरी मार्ग पर मालदेवता ब्रिज और देहरादून-हरिद्वार नेशनल हाईवे पर फन वैली के पास पुल ध्वस्त हो गया। सहस्त्रधारा में आईटी पार्क और टपोवन इलाके जलमग्न हो गए, जहां कई होटल और दुकानें मलबे में दब गईं। टपकेश्वर मंदिर के गर्भगृह तक पानी घुस गया, लेकिन शिवलिंग सुरक्षित रहा।

इस घटना में देहरादून में ही 13 लोगों की जान गई, जबकि राज्य के अन्य हिस्सों में दो और मौतें दर्ज की गई। लापता लोगों में से कई नदी के तेज बहाव में बह गए, जिनकी तलाश जारी है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि रात की अचानक बाढ़ ने कई परिवारों को बेघर कर दिया और बिजली-पानी जैसी सुविधाएं ठप हो गईं।

राहत और बचाव कार्य

राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया। अब तक 900 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानांतरित किया गया है। इनमें मसूरी के हेरिटेज होटल से 6 लोग, लिटिल हेवन होटल से 10-15 पर्यटक और पौंधा के देवभूमि इंस्टीट्यूट से 200 छात्र शामिल हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और जेसीबी पर मलबा हटाने और राहत कार्यों का जायजा लिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री धामी से बातचीत कर स्थिति की समीक्षा की, जबकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीड़ित परिवारों के लिए 2 लाख रुपये की सहायता की घोषणा की। NDRF ने कड़ेवर डॉग्स की टीम भी तैनात की है ताकि लापता लोगों का पता लगाया जा सके।

IMD का चेतावनी संदेश

IMD ने देहरादून, चंपावत, बागेश्वर, नैनीताल, टिहरी गढ़वाल और हरिद्वार सहित कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। अगले पांच दिनों में 15-25 मिमी प्रतिदिन की बारिश और आंधी-तूफान की संभावना है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भूस्खलन और नदियों के किनारे रहने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। स्कूल बंद रखे गए हैं और यात्रियों को संवेदनशील इलाकों से दूर रहने को कहा गया है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox