नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/गुरूग्राम/शिव कुमार यादव/- प्रायः दक्षिणी अमेरिकी महाद्वीप के पेरू, चिली व उरूग्वे में पाया जाने वाला काल गिद्ध इस बार गुरूग्राम के पक्षी अभ्यारण में दिखाई दिया है। पर्यावरणविद्ध व पक्षी विशेषज्ञ भी काले गिद्ध की मौजूदगी को लेकर काफी हैरान है। क्योंकि इससे पहले इसे कभी भारत के किसी भी कोने में नही देखा गया है। इस घटना से पहले इसका कोई प्रवासी रिकॉर्ड भी नहीं मिलता है। सुलतानपुर लेक के पक्षी अभ्यारण में काले गिद्ध को देखने के लिए सैलानियों का तांता लगा हुआ है।
गुरुग्राम स्थित सुलतानपुर पक्षी अभ्यारण में 26 जनवरी को नजफगढ़ मैट्रो न्यूज की पत्रकार मानसी शर्मा व भावना शर्मा के साथ कैमरामैन अनिशा चौहान ने इसे देखा था और इसकी फोटी व वीडियों भी बनाई थी। इसके साथ ही उन्होने कुछ और पर्यटकों को भी इसे दिखाया था। इसी दौरान पक्षी अभ्यारण के कुछ कर्मचारियों ने भी उसे देखा था। उनका कहना था कि यह पक्षी पहले कभी यहां नही देखा गया है जब नेट पर उसे सर्च किया गया तो वह अमेरिकन ब्लैक वल्चर या कोराजिप्स एट्रटस यानी काला गिद्ध के नाम के रूप में मिला। बस इसी को लेकर पर्यटकों में इसे देखने के कौतुहल मच गया और सभी उसकी फोटो व वीडियों बनाने लगे। जब पक्षी विशेषज्ञों से इस बारे में बात की गई तो उनका कहना था कि दक्षिणी अमेरिकी महाद्वीप से अभी तक कोई पक्षी यहां आया हो यह संभव नही है। यहां साइबेरिया से ही ज्यादा पक्षी आते है। जो नवंबर-दिसंबर में आते है और मार्च मध्य तक अपने देश वापिस लौट जाते हैं। काले गिद्ध का यहां दिखाई देना एक दुर्लभ घटना ही मानी जा सकती है। या फिर इसे अवैध तरीके से यहां लाया गया होगा। हालांकि ऐसा भी हो सकता है कि साईबेरियां में इस पक्षी ने अपनी मौजूदगी बना ली हो और फिर प्रवासी पक्षियों के साथ यहां तक आ गया हो। खैर कारण कोई भी रहा हो लेकिन अब सुलतानपुर लेक में इसका पाया जाना किसी आश्चर्य से कम नही है और पर्यटक भी इसे देखने के लिए काफी संख्या में आ रहे हैं।


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