नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- बागेश्वर धाम सरकार श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज के सानिध्य में 8 नवंबर 2025 से शुरू हुई दिल्ली से वृंदावन तक की भव्य पदयात्रा भक्तिभाव का एक अद्भुत प्रतीक बन चुकी है। राजधानी दिल्ली से आरंभ हुई यह यात्रा लगातार श्रद्धालुओं के जोश और भक्ति से परिपूर्ण वातावरण में आगे बढ़ रही है। दिल्ली से लेकर हर ठहराव स्थल तक “जय श्री राम” और “जय बागेश्वर धाम” के जयकारों से गूंजते माहौल ने श्रद्धा का समुद्र उमड़ा दिया है।
भक्तों की भारी भीड़ और व्यवस्थाएँ
इस पदयात्रा में देशभर से हजारों भक्त शामिल हो रहे हैं। यात्रा के दौरान भक्तों के ठहरने, भोजन, चिकित्सा और सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की गई है। आयोजन समिति ने हर पड़ाव पर दिनभर की यात्रा के बाद रात में विश्राम स्थलों पर हनुमान चालीसा पाठ, भक्ति संगीत संध्या और कथा वाचन का विशेष आयोजन किया है।
गुरुदेव श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी स्वयं यात्रा की अगुवाई कर रहे हैं और हर स्थान पर भक्तों को धर्म, प्रेम और एकता का संदेश दे रहे हैं।

कहाँ-कहाँ रहेगा पड़ाव, वृंदावन में होगा समापन
7 से 16 नवंबर तक चलने वाली यह यात्रा दिल्ली से प्रारंभ होकर कई प्रमुख पड़ावों से होती हुई पवित्र वृंदावन धाम में संपन्न होगी। यात्रा के दौरान प्रत्येक पड़ाव पर भक्तों के लिए लंगर और भक्ति कार्यक्रमों की पूरी व्यवस्था रहेगी।
वृंदावन पहुंचने पर भव्य आरती, विशेष हवन और श्रीकृष्ण आराधना के साथ इस यात्रा का समापन किया जाएगा।
भक्ति, अनुशासन और एकता का संदेश
यह पदयात्रा केवल आस्था का प्रदर्शन नहीं, बल्कि समाज में एकता, अनुशासन और सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश भी दे रही है। बागेश्वर धाम सरकार की यह भक्ति यात्रा हर वर्ग के लोगों को एक सूत्र में बाँधते हुए भक्ति के मार्ग पर प्रेरित कर रही है।


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