
दिल्ली/- दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष और आप विधायक राम निवास गोयल ने गुरुवार को चुनावी राजनीति से संन्यास की घोषणा कर दी है। उन्होंने आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर कहा कि वह अब अपनी उम्र के कारण चुनावी राजनीति से दूर रहना चाहते हैं। हालांकि वह पार्टी के कार्यों में आगे भी सहभागिता जारी रखना चाहते हैं।

केजरीवाल बोले- वो पार्टी के ’पितामाह’
इस पर पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने कहा कि मैं राम निवास गोयल का बहुत सम्मान करता हूं। वे मेरे बहुत करीब हैं। हमारी पार्टी उन्हें ’पितामह’ के रूप में देखती है। जब भी हमें जरूरत पड़ी, हमने उनका मार्गदर्शन लिया। कुछ दिन पहले मुझे उनका पत्र मिला, मैंने उन्हें अपना विचार बदलने के लिए मनाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कहा कि अब उनकी उम्र काफी हो गई है और उनकी सेहत भी खराब हो रही है। इसलिए वे पार्टी के साथ रहेंगे और प्रचार भी करेंगे, समय-समय पर हमारा मार्गदर्शन भी करेंगे, लेकिन उन्होंने चुनाव न लड़ने का फैसला किया है। हम उनके फैसले का सम्मान करते हैं।
’गोयल साहब आप हमारे अभिभावक थे, हैं और रहेंगे’
इसके अलावा पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने गोयल के संन्यास पर ट्वीट कर लिखा, दिल्ली विधानसभा के स्पीकर श्री राम निवास गोयल जी का चुनावी राजनीति से संन्यास लेना हम सभी के लिए एक गहरा भावुक क्षण है। उन्होंने राजनीति में अपने सिद्धांतों, सादगी और निस्वार्थ सेवा से जो आदर्श स्थापित किए, वे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा हैं।
गोयल साहब आप हमारे अभिभावक थे, हैं और रहेंगे। आपने सदन को सिर्फ नेतृत्व नहीं दिया, बल्कि उसे गरिमा, मर्यादा और एक नई पहचान दी। बढ़ती उम्र के चलते उनका यह निर्णय हमें यह भी सिखाता है कि राजनीति सेवा का माध्यम है, न कि कुर्सी से चिपके रहने का।
आपका पत्र, जिसमें आपने पार्टी के विधायकों और जनता का आभार व्यक्त किया है, आपकी विनम्रता और कृतज्ञता को दर्शाता है। आपने अपने कार्यों से राजनीति को नई ऊंचाई दी और दिखाया कि सेवा भावना ही सबसे बड़ा पद है। आपका अनुभव, मार्गदर्शन और स्नेह हमेशा हमारा संबल रहेगा। दिल्ली की राजनीति और आम आदमी पार्टी के इतिहास में आपका योगदान अमिट है।
राम निवास गोयल ने पत्र में क्या लिखा
आप संयोजक केजरीवाल को संबोधित पत्र में राम निवास गोयल ने लिखा, ’मैं विनम्रतापूर्वक अवगत कराना चाहता हूं कि पिछले 10 वर्षों से शहादरा विधान सभा के विधायक एवं विधानसभा अध्यक्ष के रूप में मैंने अपना दायित्व निभाया है। आपने मुझे हमेशा बहुत सम्मान दिया है जिसके लिए में सदा आपका आभारी रहूंगा। पार्टी और सभी विधायकों ने भी मुझे बहुत सम्मान दिया है। इसके लिए मैं सबका आभार प्रकट करता हूं। अपनी आयु के कारणों से स्वयं को चुनावी राजनीति से अलग करना चाहता हूं। मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि मैं आम आदमी पार्टी में रहकर तन-मन-धन से सेवा करता रहूंगा। आपके द्वारा जो भी दायित्व मुझे सौंपा जाएगा उसको निभाने का प्रयास करूंगा’।
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