मानसी शर्मा /- राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में डेंगू के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। दिल्ली नगर निगम (MCD) के अनुसार, पिछले एक हफ्ते में 472नए डेंगू केस सामने आए हैं। इस साल अब तक कुल 4533मामले रिपोर्ट किए गए हैं, जिनमें 3लोगों की मौतें भी शामिल हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, डेंगू के प्रसार को लेकर अब अधिक सतर्कता की जरूरत है।
क्या है डेंगू के लक्षण?
डेंगू एडीज़ मच्छर के काटने से फैलता है, जिससे शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या घटने लगती है। इससे मरीज की हालत गंभीर हो सकती है। डेंगू के मुख्य लक्षणों में तेज बुखार, सिर में दर्द, उल्टी, शरीर में दर्द और रैशेज शामिल हैं। गंभीर मामलों में प्लेटलेट्स की संख्या इतनी कम हो सकती है कि मरीज को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ता है। डॉक्टरों का कहना है कि डेंगू के मरीजों की निगरानी बहुत जरूरी है, खासकर जब प्लेटलेट्स की संख्या 10,000तक गिर जाए।
डॉक्टरों के अनुसार, डेंगू के मरीजों को विटामिन C से भरपूर फल जैसे कीवी और नाशपाती देने से मदद मिलती है। इसके अलावा, नारियल पानी, सूप और ताजे जूस से शरीर में पानी की कमी को पूरा किया जा सकता है। डेंगू से ठीक होने के बाद कुछ मरीजों को थकान, जोड़ों में दर्द, सांस लेने में दिक्कत और खून की कमी जैसी समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है।
कैसे करें खुद का बचाव?
डेंगू के मच्छरों से बचाव के लिए कुछ घरेलू उपाय किए जा सकते हैं। घर में लोबान और कपूर जलाना, और नीलगिरी तथा नीम के तेल का मिश्रण लगाना फायदेमंद हो सकता है। मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग और मच्छर रोधी क्रीम का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए, यह जरूरी है कि लोग इसके लक्षणों के प्रति जागरूक रहें और समय रहते इलाज करवाएं। उचित देखभाल और एहतियात बरतने से डेंगू से बचाव किया जा सकता है।


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