दिल्ली के नये परिसीमन पर आप नेताओं ने उठाये सवाल

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दिल्ली के नये परिसीमन पर आप नेताओं ने उठाये सवाल

-बताया राजनीति से प्रेरित, जताई आपत्तियां

नई दिल्ली/- आम आदमी पार्टी के विधायकों ने दिल्ली में वार्डों के परिसीमन पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीति से प्रेरित बताया है। उनका आरोप है किकुछ वार्डों की आबादी 35 हजार तो कुछ वार्डों में 93 हजार से अधिक है। आप नेताओं ने नये परिसीमन को लेकर अपने प्रारंभिक सुझाव और आपत्तियां परिसीमन आयोग को सौंपी हैं। इसके साथ ही आम आदमी पार्टी ने एमसीडी चुनाव जल्द से जल्द कराने की मांग की।

राज्य चुनाव आयोग ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के विधायक को स्थानीय पदाधिकारियों के साथ परिसीमन मसौदा रिपोर्ट पर चर्चा करने और अपनी टिप्पणियों और आपत्तियों को तैयार करने के लिए कहा है। ऐसे में आम आदमी पार्टी के विधायकों ने आज दिल्ली में वार्डों के परिसीमन के बारे में प्रारंभिक सुझाव और आपत्तियां परिसीमन आयोग को सौंपी है। इसके अनुसार दिल्ली में वार्डों की संख्या 272 से घटाकर 250 करने के आदेश के साथ परिसीमन समिति का गठन किया गया था।

समिति को 22 वार्डों को कम करने की आवश्यकता थी और इसका एकमात्र सही तरीका उन विधानसभा क्षेत्रों की पहचान करना था, जिनमें 4 से 7 वार्ड थे। उस विधानसभा क्षेत्र के शेष वार्डों में वहां की आबादी को समान रूप से वितरित करके उनमें से प्रत्येक में 1 वार्ड कम करना था। इसका मतलब है कि यदि किसी विधानसभा क्षेत्र में मूल रूप से 6 वार्ड थे तो समिति द्वारा इसे घटाकर 5 किया जाना चाहिए। यदि किसी विधानसभा क्षेत्र में 4 वार्ड हैं, तो परिसीमन के बाद 3 वार्ड होने चाहिए। ऐसे में इन 22 विधानसभा क्षेत्रों को छोड़कर किसी अन्य विधानसभा क्षेत्र में बदलाव करने की जरूरत नहीं थी।

आप नेताओं ने कहा कि जहां अन्य शेष वार्डों में एक-एक वार्ड भंग किया जा रहा था। लेकिन विधानसभा क्षेत्रों में वार्डों की संख्या बदले बिना अधिकांश विधानसभा क्षेत्रों के अधिकांश वार्डों को डिस्टर्ब किया है, तो यह प्रक्रिया स्पष्ट रूप से राजनीति से प्रेरित है। कई इलाकों में वार्डों की संख्या न तो बढ़ाई न घटाई, कुछ क्षेत्रों को एक वार्ड से दूसरे वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया है। पहले जनसंख्या समान रूप से संबंधित विधानसभा क्षेत्रों के वार्डों में फैली हुई थी और उनकी आबादी करीब समान थी। परिसीमन समिति ने मनमाने ढंग से वार्डों की सीमाएं बदल दी हैं। अब कुछ वार्डों की आबादी 35 हजार से कम हैए जबकि कुछ वार्डों में 93 हजार से अधिक लोग रह रहे हैं। ऐसे में यह प्रक्रिया तर्कहीन है और राजनीति से प्रेरित है। प्रतिनिधिमंडल में दुर्गेश पाठक, चेयरमैन आदिल अहमद खान सहित कई नेता शामिल हैं।

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