नई दिल्ली/- पालम विधानसभा के मधु विहार वार्ड में सीवर का बदबूदार और जहरीला पानी गलियों और घरों में भरकर लोगों का जीना दूभर कर चुका है। दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारी महीनों से शिकायतें सुनकर भी पथराई आंखों से मूकदर्शक बने बैठे हैं।

स्थानीय आरडब्ल्यूए प्रधान एवं फेडरेशन ऑफ साउथ एंड वेस्ट डिस्ट्रिक्ट वेलफेयर फोरम के चेयरमैन रणबीर सिंह सोलंकी का कहना है— यह अब महज़ गंदगी नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही से जन्मा मौत का कुआं है। मैंने जल बोर्ड के CEO और मुख्य अभियंता तक लिखित शिकायतें भेजीं, लेकिन हालात दिन-प्रतिदिन बिगड़ रहे हैं।
गली नंबर 3, दुर्गा माता मंदिर के पीछे रहने वाले प्रियशंकर तिवारी ने कहा – 5 जुलाई से अब तक मेरे घर के अंदर सीवर का जहरीला पानी भरा है। हर सांस बदबू से भारी है, जिंदगी नर्क बन चुकी है।
एक अन्य निवासी ने तड़पते हुए कहा— मेरे पिताजी को हार्ट में 7 स्टेंट डाले गए हैं और उन्हें शुगर है। इस गंदगी के बीच उनकी सेहत तेजी से बिगड़ रही है। डर है कि कहीं ये हालात उनकी जान न ले लें।
बच्चों का बचपन खतरे में
समस्या सिर्फ एक गली तक सीमित नहीं—B1/73, 74 और ब्लॉक C की गली नंबर 2 से 6 तक में यही हाल है। सरकारी प्राथमिक विद्यालय तक जाने के लिए छोटे-छोटे बच्चे इसी सड़ांध और गंदगी से होकर गुजरते हैं। यह न सिर्फ बच्चों की सेहत, बल्कि उनके भविष्य के साथ भी खिलवाड़ है।
शिकायतों का ढेर, कार्रवाई शून्य
दिल्ली जल बोर्ड में बार-बार दर्ज शिकायतें:
DJB002878211 (5 जुलाई)
DJB002898521 (10 जुलाई)
DJB002949104 (23 जुलाई)
DJB003005744 (6 अगस्त)
DJB003019930 (10 अगस्त)
लेकिन ज़िम्मेदार अधिकारी कागज़ों में शिकायतें दबा कर बैठे हैं। थके-हारे लोगों ने निजी सफाईकर्मी को पैसे देकर सफाई करवाई, पर मुख्य सीवर लाइन जाम होने से पानी फिर से लौट आया।
सोलंकी की खुली चेतावनी
सोलंकी ने मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल से विजिलेंस जांच और लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने साफ कहा— अगर प्रशासन अब भी नहीं जागा, तो मधु विहार की जनता सड़क पर उतरकर दिल्ली सरकार को जवाब देने पर मजबूर होगी।


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