नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- इथियोपिया में हेली गुब्बी ज्वालामुखी फटने के बाद निकली राख के गुबार के चलते दिल्ली एयरपोर्ट पर मंगलवार को उड़ानों में भारी असर देखा गया। राष्ट्रीय राजधानी के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुबह 1 से 6 बजे के बीच सात इंटरनेशनल फ्लाइट्स रद्द कर दी गईं, जबकि 12 से अधिक विदेशी उड़ानों में देरी हुई।
एयर इंडिया ने सोमवार से ही 13 फ्लाइट्स कैंसिल कर चुकी थी। अधिकारियों के अनुसार, ज्वालामुखी की राख पश्चिमी भारत की ओर बढ़ रही है, जिससे हवाई जहाजों के संचालन पर खतरा उत्पन्न हो रहा है।
ज्वालामुखी की राख का खतरा
ज्वालामुखी की राख हवाई जहाज के इंजन के लिए बेहद खतरनाक मानी जाती है। यह इंजन की कार्यप्रणाली को बाधित कर सकती है, जिससे गंभीर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, यह हवा की गुणवत्ता को प्रभावित करती है और आंखों व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक हो सकती है। ऐसे में उड़ानों को रद्द करना या विलंबित करना सुरक्षा के लिए अनिवार्य उपाय माना गया।
यात्रियों के लिए सुझाव
हवाई अड्डे के अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी उड़ानों की स्थिति के बारे में संबंधित एयरलाइनों से नियमित रूप से जानकारी लेते रहें। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे हवाई अड्डे के लिए निकलने से पहले अपनी फ्लाइट की नवीनतम जानकारी अवश्य जांच लें। अधिकारियों ने इस अप्रत्याशित स्थिति से हुई असुविधा के लिए खेद भी व्यक्त किया।
इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया कि प्राकृतिक आपदाएँ और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाली घटनाएँ सीधे हवाई परिवहन और यात्री सुरक्षा को प्रभावित कर सकती हैं।


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