-गुस्साये स्थानीय लोगों ने फार्म हाउस पंहुच कर दी गोकशी करने वालों की पिटाई, एक केयर टेकर की मौत
-पुलिस ने गोकशी के आरोप में पांच लोगों को पशु के खिलाफ क्रूरता की धारा में किया गिरफ्तार
-मारपीट करने वालों की हो रही तलाश
नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- द्वाराका जिला के छावला थाना क्षेत्र से मात्र एक किलोमीटर दूर गोकशी का धंधा चल रहा था लेकिन अपने आप को पूरी तरह से सतर्क बताने वाली पुलिस को इसकी भनक तक भी नही लगी। वहीं जब स्थानीय लोगों को गोकशी की घटना का पता चला तो गुस्साऐं लोगों ने फॉर्म हाउस पंहुचकर गायों के कटे अंगों को देखा तो गोकशी में लिप्त फॉर्म हाउस के केयर टेकर व गोकशी कर रहे चार अन्य आरोपियों की पिटाई कर दी। हालांकि पुलिस को इसकी जानकारी स्वयं गोकशी कर रहे लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए की। जब तक पुलिस मौके पर पंहुची तब तक पिटाई करने वाले वहां से जा चुके थे। पुलिस ने सभी घायलों को अस्पताल पंहुचाया जहां केयर टेकर राजाराम नामक व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस ने पशुओं के खिलाफ क्रूरता मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वहीं गोकशी करने वालों की पिटाई करने वालों के खिलाफ भी पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि छावला थाना पुलिस को 10 अप्रैल देर रात 2.10 बजे छावला स्थित एक फॉर्म हाउस में गोकशी की सूचना मिली थी। सूचना देने वाले ने बताया था कि फार्म हाउस के भीतर करीब एक दर्जन लोग जुटे हुए हैं। इधर इसकी जानकारी मिलते ही कुछ लोग फॉर्म हाउस में पहुंच गए, जहां लोगों ने पाया कि पूरे परिसर में खून फैला हुआ था, जगह-जगह पशु अवशेष रखे थे। साथ ही कुछ लोग एक टैंपो पर अवशेष लाद कर वहां से फरार होने वाले हैं। इसके बाद लोगों ने शोर मचाते हुए उन्हें घेर लिया। इधर लोगों के आने की जानकारी मिलते ही गोकशी करने वालों ने पहले तो भागने की कोशिश की पर जब वे सफल नहीं हुए तो खुद ही पुलिस को कॉल कर दिया। पर जब तक पुलिस आती वे वहां पहुंचे लोगों के गुस्से का शिकार हो गए। लोगों ने जो मिला उससे उन्हे बेरहमी से पीटने लगे। इसमें तीन लोगों को ज्यादा चोटें आई। तीनों घायलों को मौके पर पहुंची पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया, जहां एक की उपचार के दौरान मौत हो गई।
इस मामले में पुलिस की ओर से गोकशी में शामिल लोगों ने जो शिकायत दी है, उसमें यह स्वीकार किया गया है कि वे गोकशी में शामिल थे। उन्होंने पुलिस को बताया कि यहां फार्महाउस में दिल्ली व आसपास के गांवों से गायों को लाकर रखी जाती थी। इस काम में उनकी फॉर्म हाउस का केयर टेकर मदद करता था। इसके बाद देर रात जब इन्हें लगता कि यहां कोई खतरा नहीं है, तब ये गोकशी को अंजाम देते थे। आरोप है कि यहां अकील नामक शख्स के बुलावे अरशद व शानु गोकशी के लिए पहुंचे थे। देर रात गोकशी के बाद जब ये टैंपो पर अवशेष लाद रहे थे, तभी लोगों को पता चल गया और इनका विरोध शुरू हुआ। गुस्साये लोगों ने इन्हे घेरकर पीटा और फिर वहां से गायब हो गये।
यहां यह भी बता दें कि ऑपरेशन वर्चस्व के तहत सभी थानों की पुलिस रात दिन सघन गश्त करती है और पुलिस उपायुक्त का यह दावा करते है कि उनके जिला के सभी थानों की पुलिस पूरी तरह सतर्क है लेकिन यह गोकशी की घटना छावला थाने से मात्र एक किलोमीटर की दूरी हो रही थी और चाक चौबंद पुलिस को इसकी भनक तक नही थी। पुलिस से पहले लोगों को इसकी जानकारी लग गई और गुस्सायें लोगों ने विरोध स्वरूप आरोपियों की पिटाई की। इस घटना को देखकर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि हमारी सुरक्षा में जुटी पुलिस आखिर कितनी सतर्क है। इलाके में गोकशी हो रही है टेंपों में रात को गायों के अवशेष भरकर ले जाये जा रहे है फिर भी पुलिस सतर्कता का दावा करती है।


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