ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है कोरोना संक्रमण के बाद वैक्सीन लगवाना, शोध में हुआ खुलासा

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

July 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
2728293031  
July 21, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है कोरोना संक्रमण के बाद वैक्सीन लगवाना, शोध में हुआ खुलासा

NM News Antibody

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नजफगढ़/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- देश में कोरोना से निपटने के लिए कोरोना वैक्सीनेशन पर जोर दिया जा रहा है। देशभर में 18 साल से ऊपर के सभी लोगों को वैक्सीन की डोज फिर से दी जानी शुरू हो गई है लेकिन अभी भी वैक्सीन लगवाने को लेकर लोगों के मन में कई सवाल पैदा हो रहे हैं। कोरोना होने के बाद ठीक हुए लोगों को भी एक अंतराल के बाद वैक्सीन लगवाने की सलाह दी जा रही है। ऐसे में कोरोना संक्रमित होने और ठीक होने के तुरंत बाद अगर वैक्सीन लगवा ली है तो इसके असर को लेकर भी लोगों के मन में कई चिंताएं हैं. हालांकि विशेषज्ञों की मानें तो कोरोना ठीक होने के तुरंत बाद वैक्सीन लगवाने का असर शरीर पर पड़ना तय है लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है बल्कि इसका काफी पॉजिटिव प्रभाव देखने को मिल रहा है।
                          इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल साइंसेज में ऑपरेशन ग्रुप फॉर कोविड टास्क फोर्स के प्रमुख डॉ. एन के अरोड़ा ने बताया कि रॉकफेलर यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च बताती है कि कोरोना से उबरने वाले मनुष्य के शरीर में एंटीबॉडी पर्याप्त मात्रा में बन जाती हैं. जिसके अनुसार उसकी प्रतिरोधक क्षमता काफी मजबूत रहती है। करीब एक साल तक एंटीबॉडी भी शरीर में रहती हैं लेकिन अगर इस दौरान वैक्सीन भी ले ली है तो यह फायदेमंद हो सकता है। कोरोना से बनी एंटीबॉडी के साथ ही अगर वैक्सीन भी लगवाई जाती है तो यह एंटीबॉडी की क्षमता को और भी ज्यादा बढ़ा देती है जिसका सीधा असर कोरोना के खिलाफ एक मजबूत दीवार बनाने में आता है. जिसकी वजह से उस पर कोरोना के किसी भी वेरिएंट का प्रभाव मुश्किल हो जाता है।
                           डॉ. अरोड़ा कहते हैं कि कोरोना संक्रमण से ठीक होने के बाद वैक्सीन लगवाना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। भारत में अभी इस पर रिसर्च चल रहा है लेकिन अनुमान है कि कोरोना से पैदा हुई एंटीबॉडी और फिर वैक्सीन से मिली एंटीबॉडी के बाद शरीर पर डेल्टा के साथ ही अन्य सभी खतरनाक वैरिएंट के प्रभाव को कम करने में मदद मिल सकती है। ये भी पूरी तरह संभव है कि मरीज के ऊपर किसी भी वेरिएंट का खतरा गंभीर न रहे।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox