नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- रायपुर में चर्चित जग्गी प्रकरण को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। उच्च न्यायालय में 1 अप्रैल को होने वाली सुनवाई से पहले जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के मुख्य प्रवक्ता भगवानू नायक ने अहम बयान देते हुए कहा कि इस मामले में कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों को स्पष्ट करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी से जुड़े इस केस में न्यायिक प्रक्रिया को लेकर पार्टी पूरी तरह सजग है और हर पहलू पर नजर बनाए हुए है।
2007 में ट्रायल कोर्ट से मिल चुकी है राहत
प्रवक्ता ने बताया कि वर्ष 2007 में ट्रायल कोर्ट ने अमित जोगी को पूरी सुनवाई के बाद सम्मानपूर्वक बरी किया था। यह फैसला केवल साक्ष्यों की कमी के आधार पर नहीं, बल्कि विस्तृत विचार-विमर्श के बाद दिया गया था। इसके बाद इस फैसले को चुनौती देते हुए जो भी याचिकाएं दायर की गईं, वे उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय दोनों स्तरों पर खारिज हो चुकी हैं। फिलहाल केवल सीबीआई की अपील पर सुनवाई का मामला लंबित है।
अपील प्रक्रिया पर उठाए सवाल
भगवानू नायक ने अपील की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसी भी अपील की सुनवाई दो चरणों में होती है—पहले यह तय किया जाता है कि अपील स्वीकार की जाए या नहीं, और दूसरे चरण में पूरे मामले की विस्तार से सुनवाई होती है। लेकिन इस मामले में पहला चरण ही सही तरीके से पूरा नहीं किया गया और बिना आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए अपील को आगे बढ़ा दिया गया।
दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग
पार्टी की ओर से स्पष्ट रूप से मांग की गई है कि सीबीआई द्वारा प्रस्तुत लगभग 11,000 पृष्ठों के दस्तावेज तुरंत उपलब्ध कराए जाएं, ताकि निष्पक्ष और पारदर्शी सुनवाई सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि सभी तथ्यों के सामने आने के बाद ही सच्चाई स्पष्ट होगी।
संघर्ष से सफलता तक का सफर
उन्होंने यह भी बताया कि करीब दो दशक पहले जब यह मामला सामने आया था, तब अमित जोगी ने इसे चुनौती मानकर खुद को मजबूत किया। उन्होंने कानून की पढ़ाई पूरी की और स्वर्ण पदक हासिल किया। एक ओर जहां उनके पास कानूनी ज्ञान का प्रमाण है, वहीं दूसरी ओर उन्हें अदालत से सम्मानजनक राहत भी मिल चुकी है। यह उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और विश्वास का परिणाम है।
न्याय पर अटूट विश्वास
अंत में प्रवक्ता ने कहा कि जोगी परिवार को देश की न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। उन्हें विश्वास है कि आगामी सुनवाई में सच्चाई सामने आएगी और न्याय की जीत होगी। उन्होंने कहा कि पहले भी ईश्वर और न्यायपालिका पर भरोसा रखा गया था और आगे भी वही विश्वास कायम रहेगा।


More Stories
अमरावती में विशाल किन्नर-संत सम्मेलन, गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की उठी मांग
सामाजिक समरसता पर आरजेएस का विशेष आयोजन-सत्य
मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारत को राहत: अर्जेंटीना बना नया ऊर्जा सहारा
बड़ा कदम: NGRMP परियोजना के लिए ₹9 करोड़ की स्वीकृति
देहरादून में क्रिकेट टूर्नामेंट का आगाज़, मुख्यमंत्री धामी ने किया शुभारंभ
गंगा में डूब रहे बुजुर्ग को जल पुलिस ने बचाया, समय रहते किया सफल रेस्क्यू