नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/जम्मू-कश्मीर/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- जम्मू-कश्मीर में देश के साथ गद्दारी करने के मामलों में प्रशासन ने कड़ी कार्यवाही करते हुए 11 अधिकारियों व कर्मचारियों को बर्खास्त किया है। जिसमें देश के मोस्टवांटेड आतंकी सलाहुद्दीन के दो बेटे भी शामिल है। बर्खास्त कर्मचारियों के संबंध आतंकी सगंठनों से पाए गए हैं। ये सभी देश के खिलाफ रची जा रही साजिशों का हिस्सा रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर में शनिवार को 11 सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया है। मोस्टवांटेड आतंकी सलाहुद्दीन के दो बेटे भी इसमें शामिल हैं। बर्खास्त करने के लिए तीन अधिकारियों की सिफारिश आईटीआई, कुपवाड़ा के एक अर्दली से संबंधित है, जो आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का ओवर ग्राउंड वर्कर था। वह आतंकियों को सुरक्षाबलों की आवाजाही व अन्य जानकारियां देने में शामिल है। साथ ही अनंतनाग जिले के दो शिक्षक जमात-इस्लामी (जेईआई) और दुख्तारन-ए-मिल्लत (डीईएम) की अलगाववादी विचारधारा में भाग लेने, समर्थन करने और प्रचार करने सहित राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल पाए गए हैं। बर्खास्त सरकारी कर्मचारियों में जम्मू कश्मीर पुलिस के दो कांस्टेबल शामिल हैं। जिन्होंने पुलिस विभाग के भीतर से आतंकवाद का समर्थन किया है। आतंकवादियों को जानकारी के साथ-साथ रसद सहायता भी प्रदान की है।
हैरत अंगेज बात तो यह है कि मोस्ट वांटेड आतंकवादी और आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन का सरगना सैयद सलाहुद्दीन के दो बेटे भी सरकारी नौकरी कर रहे थे। बर्खास्त किए गए 11 कर्मचारियों में से चार अनंतनाग, तीन बडगाम, एक-एक बारामूला, श्रीनगर, पुलवामा और कुपवाड़ा के हैं। इनमें से चार शिक्षा विभाग में, दो जम्मू कश्मीर पुलिस में और एक-एक कृषि, कौशल विकास, बिजली, एसकेआईएमएस और स्वास्थ्य विभागों में कार्यरत थे।


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