नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- दिल्ली उच्च न्यायालय में जनता दल (यू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष के असंवैधानिक निर्वाचन को एक याचिका के माध्यम से चुनौती दी गई है। साथ ही याचिका में माननीय न्यायालय से जनता दल (यू) के पुनः संगठनात्मक चुनाव कराने की मांग भी की गई है। माननीय उच्च न्यायालय ने इस संबंध में संज्ञान लेते हुए चुनाव आयोग को अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 14 मार्च 2023 को होनी है।
माननीय दिल्ली उच्च न्यायालय में जनता (यू) नेता गोविंद यादव ने याचिका क्रमांक डब्ल्यू पी सी) 2137/2023 दायर की है। जिसमें भारत सरकार, निर्वाचन आयोग, नीतीश कुमार, (पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष), जनता दल (यू) अनिल हेगड़े, (राज्य सभा सदस्य) ,आर.सी.पी. सिंह (पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष), जनता दल(यू) राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह (वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष), जनता दल अहफाक अहमद जावेद राज, अरुण कुमार श्रीवास्तव सहित कुल 10 लोगों को प्रतिवादी बनाया गया है। याचिका में जनता दल (यू) राष्ट्रीय अध्यक्ष के वर्ष 2016, 2019, 2022 के असंवैधानिक निर्वाचन साहित संपूर्ण संगठनात्मक चुनाव प्रक्रिया को माननीय उच्च न्यायालय दिल्ली में चुनौती दी गयी है। साथ ही याचिका में जनता दल (यू) के वर्ष 2016, 2019, 2022 के राष्ट्रीय अध्यक्ष के असंवैधानिक निर्वाचन सहित संपूर्ण चुनाव प्रक्रिया को निरस्त कर पुनः जनता दल (यू) के संविधान अनुसार चुनाव कराने की मांग की गयी है।
17 फरवरी 2023 को उपरोक्त याचिका पर माननीय उच्च न्यायालय, दिल्ली में सुनवाई हुई। जिसमें याचिकाकर्ता के पक्ष को सुनकर माननीय उच्च न्यायालय के निर्वाचन आयोग को सुनवाई की अगली तिथि पर अपना पक्ष रखने के लिए निश्चित किया है। (ऑर्डर एवं अन्य दस्तावेज संलग्न है) मामले की अगली सुनवाई 14 मार्च 2023 निर्धारित की गयी है।


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