नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- दिल्ली के यमुना तट स्थित हाथी घाट पर आज छठ पूजा का समापन बड़े ही श्रद्धा और उल्लास के साथ किया गया। व्रती माताओं और बहनों ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हुए अपने परिवारों की सुख-समृद्धि की कामना की। घाट पर भक्ति, संगीत और दीपों की रोशनी से सजा माहौल आस्था का अनुपम दृश्य प्रस्तुत कर रहा था।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी लिया आशीर्वाद
इस मौके पर दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता भी हाथी घाट पर मौजूद रहीं। उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ इस पर्व को पूरे भाव और भक्ति के साथ मनाया। मुख्यमंत्री ने व्रती माताओं-बहनों से आशीर्वाद लिया और उनके साथ पारंपरिक पूजा में शामिल होकर यह संदेश दिया कि यह पर्व न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज में एकता और सम्मान की भावना को भी सशक्त बनाता है।

दिल्ली में श्रद्धा और व्यवस्था की मिसाल
वर्षों बाद राजधानी में छठ पूजा का ऐसा सुचारु और भव्य आयोजन देखने को मिला। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में दिल्ली सरकार और स्थानीय प्रशासन ने घाटों पर साफ-सफाई, सुरक्षा और सुविधा की उत्कृष्ट व्यवस्था की। इस प्रयास ने यह साबित किया कि जब जनता और सरकार साथ चलें, तो आयोजन भक्ति के साथ-साथ अनुशासन का भी उदाहरण बन जाता है।
आस्था और संस्कृति की अद्भुत झलक
छठ पर्व भारतीय परंपरा की गहराई को दर्शाता है — जहां केवल उगते सूर्य को नहीं, बल्कि अस्त होते सूर्य को भी नमन किया जाता है। यह विश्वास हमें यह सिखाता है कि हर ढलती शाम एक नई सुबह का संकेत होती है। घाटों पर गूंजते छठ गीत और भक्तों की आस्था ने दिल्ली की सांस्कृतिक विविधता को एक सूत्र में पिरो दिया।
छठी मईया से प्रार्थना
श्रद्धालुओं ने छठी मईया से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। पूरे माहौल में प्रेम, अनुशासन और आस्था की ऊर्जा झलक रही थी।


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