नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- नजफगढ़ देहात के खेड़ा डाबर गांव में स्थित एशिया के सबसे बड़े चैधरी बह्मप्रकाश आयुर्वेदिक चरक संस्थान में भी कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों का ईलाज किया जा रहा है। जिसमें सबसे पहले आई एक महिला पूरी तरह से ठीक हो गई है। महिला के दोनो कोरोना टेस्ट नेगेटिव आये हैं। आज उन्हे प्रशासन के आदेश के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

इस संबंध में महिला ने बताया कि प्रशासन ने उन्हे इस अस्पताल में सबसे पहले मरीज के तौर 18 अप्रैल को भेजा था। वो इस अस्पताल की पहली कोरोना मरीज थी। उन्हे पहले काफी डर लग रहा था कि पता नही अब वह बच भी पायेंगी या नही लेकिन अस्पताल में चिकित्सकों व नर्सों ने उनका इतनी अच्छी तरह से ध्यान रखा व ईलाज किया कि आज वह पूरी तरह से ठीक होकर घर जा रही है। उन्होने अस्पताल में बिताये अपने दिनो की याद ताजा करते हुए कहा कि अस्पताल का माहौल पूरी तरह से घर जैसा है। अस्पताल में मरीजों को ईलाज के साथ-साथ उनमें पाॅजिटिविटी बनाये रखने के लिए हैप्पीनेश क्लास व लाफ्टर थैरेपी भी दी जाती है। इसके साथ सुबह-शाम योगा व प्रभु भजन भी सुनाये जाते है। जिससे मरीजों में संजीवनी का संचार होता है। उन्होने बताया कि रोजाना रूटीन चैकअप व कोरोना की दवाईयों के साथ-साथ चिकित्सक आयुर्वेदिक दवायें भी देते है जिनसे शरीर की रोग प्रतिरोधात्मक शक्ति बढ़ती है। इस अस्पताल के ईलाज से उन्हे पूरी तरह से संतुष्टि मिली है और वह यहां के प्रबंधन के लिए सभी का आभार व्यक्त करती है।


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