
नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/ – टीम डिजिटल। उच्चतम न्यायालय आम आदमी पार्टी (आप) के एक पार्षद की उस याचिका पर तत्काल सुनवाई करने के अनुरोध पर गौर करने के लिए शुक्रवार को राजी हो गया जिसमें पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती दी गई है।
उच्च न्यायालय ने चंडीगढ़ के महापौर चुनाव फिर से कराने के पार्टी के आग्रह पर कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था। महापौर पद के उम्मीदवार पार्षद कुलदीप कुमार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने इस मामले का उल्लेख प्रधान न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ के समक्ष किया। पीठ ने कहा, ‘‘हम इसे सूचीबद्ध करेंगे… हम इस पर गौर करेंगे।’’
उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सुधीर सिंह और न्यायमूर्ति हर्ष बंगर की खंडपीठ ने बुधवार को आप को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था। ‘आप’ ने मतपत्रों के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाया है और अदालत के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में नए सिरे से चुनाव कराने का अनुरोध किया है। उच्च न्यायालय ने याचिका पर चंडीगढ़ प्रशासन को नोटिस जारी किया और तीन सप्ताह के भीतर जवाब मांगा।
कुलदीप कुमार ने अंतरिम राहत से इनकार करने और याचिका को तीन सप्ताह बाद सूचीबद्ध करने के खिलाफ शीर्ष अदालत में याचिका दायर की है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने चंडीगढ़ महापौर चुनाव में जीत हासिल करने के साथ तीन महत्वपूर्ण पद पर अपना कब्जा कायम रखा। इस नतीजे से कांग्रेस-आप गठबंधन को झटका लगा, जिसने पीठासीन अधिकारी पर मतपत्रों के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाया है।





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