
नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- कोरोना संक्रमण के कारण कई बच्चों ने अपने माता-पिता को खो दिया है। ऐसे बच्चों की बुनियादी जरूरतों व उनके भविष्य को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया है। जिसके तहत एससी ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सभी राज्यों में जिला प्रशासन इन बच्चों की जिम्मेदारी उठाये। शीर्ष अदालत ने कहा कि जिला प्रशासन कोरोना की वजह से माता-पिता को खोने वाले बच्चों की जिम्मेदारी लें। कोर्ट ने कहा कि अगर किसी के माता या पिता की इस दौरान मृत्यु हो गई तो प्रशासन अपने स्तर पर तुरंत उनकी बुनियादी जरूरतों को पूरी करें। हालांकि कई राज्य सरकारों ने जिम्मेदारी उठानी की घोषणा की है, वहीं अब देश की शीर्ष अदालत ने इसके लिए निर्देश जारी किया है।
शीर्ष अदालत ने कहा कि कोई बच्चा भूखा ना रहे इसकी जिम्मेदारी राज्य सरकारों को पूरी करनी है। कोर्ट ने कहा, हम नहीं जानते कि कितने बच्चे सड़कों पर भूखे मर रहे हैं। हम उनकी उम्र नहीं जानते। हम सोच भी नहीं सकते कि इतने बड़े देश में उनके साथ क्या हो रहा होगा। सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रव्यापी डेटा भी पेश करने के लिए कहा है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने जिला प्रशासन को अनाथ बच्चों की पहचान करने और उनका डाटा एनसीपीसीआर की वेबसाइट पर शनिवार शाम तक अपलोड करने का भी निर्देश दिया है।


More Stories
उत्तराखंड: विकास परियोजनाओं की सौगात के साथ 28वीं यात्रा
नोएडा में बेकाबू हुआ मजदूरों का गुस्सा, कई गाड़ियों में आगजनी
आरजेएस पीबीएच का 538वां राष्ट्रीय वेबिनार संपन्न
अंतरराज्यीय ऑटो-लिफ्टर गैंग का पर्दाफाश, 6 बाइक बरामद
द्वारका जिले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, शातिर वाहन चोर गिरफ्तार
सेल्फी बनी जानलेवा: नजफगढ़ के युवक की पहाड़ी से गिरकर हालत गंभीर