मेरठ/- मेरठ में भरोसे में लेकर झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले करीब 400 लोगों के धर्मांतरण का मामला सामने आया है। दरअसल कोरोना काल में मंगतपुरम झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों को दिल्ली के महेश पासचर ने सैंकड़ों लोगों को खाना खिलाकर काफी सुर्खियां बटोरी थी लेकिन अब इसी मामले में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। जिसमें महेश पासचर ने सैंकड़ों लोगों को खाना खिलाकर उनका धर्मांतरण करा दिया और अब दिवाली पर उन्हे दिवाली मनाने से भी रोका गया और घर में लगे देवी-देवताओं की मूर्ति व पोस्टर हटाने को कहा तो मामले का खुलासा हो गया और पूरे प्रशासन में हड़कंप मच गया। जिसे लेकर शुक्रवार को भाजपाइयों ने एसएसपी ऑफिस पर हंगामा किया। एसएसपी के निर्देश पर ब्रह्मपुरी थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है।
भाजपा नेता दीपक शर्मा के नेतृत्व में मंगतपुरम की झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले करीब 100 लोग एसएसपी ऑफिस पहुंचे। लोगों ने एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर तीन महिला समेत नौ लोगों पर आरोप लगाया। बताया कि लॉकडाउन में दिल्ली से कुछ लोग मंगतपुरम पहुंचे थे। उन्होंने लोगों को पैसे के साथ-साथ खाने का सामान भी मुहैया कराया।
बताया कि गरीब लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें क्रिश्चियन धर्म की जानकारी देनी शुरू कर दी गई। धीरे-धीरे चर्च ले जाने का सिलसिला भी शुरू हो गया। इसके बाद करीब 400 लोगों का धर्मांतरण करा दिया गया। विरोध करने पर धर्मांतरण कराने वाले लोग धमकी देने लगे। दिल्ली के लोगों के साथ धर्मांतरण कराने में आठ स्थानीय लोग भी शामिल बताये जा रहे हैं।
धर्मांतरण के विरोध में हंगामा
भाजपा नेता व उनके साथियों के हंगामा करने पर ब्रह्मपुरी थाने में छबीली उर्फ शिवा, बिनवा, अनिल, सरदार, निक्कू, बसंत, प्रेमा पत्नी ननकी, ततली पत्नी सरदार, रीना पत्नी निक्कू पर धर्मांतरण कराने का मुकदमा दर्ज हो गया। एलआईयू, आईबी समेत कई खुफिया विभाग की टीम मौके पर पहुंच गईं। जहां पर क्रिश्चियन धर्म से जुड़ीं कुछ पुस्तकें मिलीं। पुलिस ने झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों के बयान दर्ज कराए।
दरअसल, शुक्रवार को इस बारे में खबर फैली तो बजरंग दल कार्यकर्ता और समाजसेवी सचिन सिरोही मंगतपुरम पहुंचे। उन्होंने क्रिश्चियन धर्म से जुड़ी किताबें और आर्थिक मदद लेने वाले लोगों की सूची ढूंढ ली। इस मामले में पुलिस की लापरवाही उजागर हुई है।
पुलिस के मुताबिक, 20-25 साल पहले बारांबकी से दस लोग मंगतपुरम आए और खाली पड़े प्लॉट में झुग्गी-झोपड़ी बनाकर रहने लगे। अब इनकी संख्या 400 से ज्यादा बताई जा रही है। लॉकडाउन में राशन की दिक्कत हुई तो इन लोगों की मदद के लिए दिल्ली के महेश पासचर पहुंचे। जो क्रिश्चियन बताए गए।

भरोसे में लेकर धर्म परिवर्तन के लिए किया प्रेरित
आरोप है कि महेश पासचर ने कुछ लोगों को भरोसे में लेकर झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों को क्रिश्चियन धर्म से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। नतीजा यह हुआ कि लोग चर्च में जाने लगे और धर्म परिवर्तन भी किया। यह सिलसिला करीब ढाई साल से चल रहा था।

कोरोना काल का उठाया फायदा
शुक्रवार को मामला एसएसपी ऑफिस पहुंचा तो पुलिस प्रशासन की नींद टूटी। बजरंग दल के दिलीप सिंह और समाजसेवी सचिन सिरोही ने बताया कि मंगतपुरम में मिलीं क्रिश्चियन धर्म की पुस्तकें और आर्थिक मदद लेने वालों की सूची का रजिस्टर पुलिस को सौंपा गया है। कार्यकर्ताओं का कहना कि गरीबी का फायदा उठाकर लोगों का धर्मांतरण कराया गया।

धर्मांतरण का आरोप लगाकर प्रार्थना पत्र आया था, जिस पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी। सीओ ब्रह्मपुरी ने मौके पर जाकर झुग्गी-झोपड़ी के निवासियों से बात कर उनकी वीडियोग्राफी कराई है। -रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी


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