किसी जमाने में ‘खलनायक’ माने गए ये लोग, अब भारत के इन मंदिरों में होती है उनकी पूजा

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July 27, 2026

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किसी जमाने में ‘खलनायक’ माने गए ये लोग, अब भारत के इन मंदिरों में होती है उनकी पूजा

मानसी शर्मा /-  भारत में मंदिरों की कोई कमी नहीं है। यहां लोग अपनी धार्मिक आस्था के अनुसार विभिन्न देवी-देवताओं की पूजा करते हैं। हिंदू धर्म के पौराणिक ग्रंथों में 33करोड़ देवी-देवताओं का उल्लेख है। लेकिन कुछ मंदिर ऐसे भी हैं, जो पौराणिक कथाओं के खलनायकों को समर्पित हैं। आइए, जानते हैं इन अनोखे मंदिरों के बारे में, जहां खलनायकों की भी पूजा होती है।

1. शकुनी मंदिर

महाभारत के शातिर पात्र शकुनी मामा का मंदिर केरल के कोल्लम जिले में स्थित है। शकुनी, जो पांडवों और कौरवों के युद्ध को भड़काने के लिए जिम्मेदार थे, उनको आमतौर पर खलनायक माना जाता है। हालांकि, केरल के पवित्रेश्वरम मंदिर में एक समुदाय उसे सम्मानित करता है। यह मंदिर कुरवा समुदाय द्वारा संरक्षित है, और अब यह क्षेत्रीय आस्था का प्रतीक बन चुका है।

2. गांधारी मंदिर

महाभारत में कौरवों की मां गांधारी का मंदिर 2008में मैसूर में बनाया गया था। गांधारी, जिन्होंने जीवन भर अंधे रहने का निर्णय लिया था, को वफादारी और त्याग का प्रतीक माना जाता है। इस मंदिर का निर्माण ढाई करोड़ रुपये की लागत से हुआ और यह गांधारी के बलिदान को सम्मानित करता है।

3. दुर्योधन मंदिर

केरल के पोरुवाझी में स्थित पेरुवती मलानाडा मंदिर दुर्योधन को समर्पित है। यहां कोई मूर्ति नहीं है, केवल एक चबूतरा है। लोग यहां ताड़ी, सुपारी, मुर्गा और लाल कपड़ा चढ़ाकर पूजा करते हैं। यह मंदिर अपनी अद्वितीय पूजा विधियों के लिए प्रसिद्ध है।

4. कर्ण मंदिर

उत्तरकाशी में स्थित कर्ण का मंदिर महाभारत के इस पात्र को समर्पित है। कर्ण को दानवीर के रूप में जाना जाता है, लेकिन कौरवों के पक्ष में लड़ने के कारण उन्हें खलनायक माना जाता है। इस मंदिर में लोग अपनी मनोकामनाएं पूरी होने पर सिक्के चढ़ाते हैं।

भारत की धार्मिक विविधता

भारत में देवी-देवताओं के साथ-साथ खलनायकों का भी सम्मान किया जाता है। ये मंदिर भारतीय समाज की धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता को दर्शाते हैं, जहां हर विश्वास और परंपरा का सम्मान किया जाता है।

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