कानपुर किडनी रैकेट: रिश्तेदार बनाकर होते थे ट्रांसप्लांट 

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October 23, 2026

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-कई राज्यों तक फैला नेटवर्क -अवैध किडनी कारोबार का भंडाफोड़

उत्तर प्रदेश/उमा सक्सेना/-  उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में अवैध किडनी ट्रांसप्लांट से जुड़े एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। कल्याणपुर क्षेत्र के कई अस्पतालों में गुप्त तरीके से किडनी की खरीद-फरोख्त का धंधा चल रहा था। इस मामले में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई के दौरान दलाल, डॉक्टर दंपती और अस्पताल संचालकों सहित कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। जांच के दौरान सामने आया कि गरीब और मजबूर लोगों को लालच देकर उनकी किडनी बेहद कम कीमत में खरीदी जाती थी, जिसे बाद में जरूरतमंद मरीजों को कई गुना महंगे दाम पर बेचा जाता था।

रिश्तेदार बनाकर किया जाता था धोखा
गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया कि इस अवैध कारोबार को छिपाने के लिए किडनी देने वाले व्यक्ति को मरीज का रिश्तेदार बताया जाता था। गरीब युवकों को परिवार का सहारा बताकर भावनात्मक दबाव बनाया जाता और कम पैसों में सौदा तय किया जाता था। इसके बाद मरीज के परिजनों को गंभीर बीमारी का हवाला देकर जल्दी किडनी की व्यवस्था करने के लिए राजी किया जाता और उनकी आर्थिक स्थिति के अनुसार मोटी रकम वसूली जाती थी।

कई राज्यों से बुलाए जाते थे डॉक्टर
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क में देश के विभिन्न शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई और लखनऊ से विशेषज्ञ डॉक्टरों को बुलाया जाता था। ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया में नेफ्रोलॉजिस्ट, सर्जन, यूरोलॉजिस्ट और अन्य मेडिकल स्टाफ शामिल होते थे। यह पूरा काम बेहद सुनियोजित तरीके से किया जाता था ताकि किसी को शक न हो।

अस्पतालों में फर्जी बीमारी दिखाकर भर्ती
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि जिन मरीजों का ट्रांसप्लांट किया जाता था, उन्हें अस्पताल में किसी अन्य बीमारी—जैसे पथरी, गॉल ब्लैडर या आंत की समस्या—बताकर भर्ती किया जाता था। किडनी देने वाले व्यक्ति को जल्दी छुट्टी दे दी जाती थी, जबकि किडनी लेने वाले मरीज को लंबे समय तक अस्पताल में रखा जाता और हर बार नई बीमारी का बहाना बनाया जाता था।

कई अस्पतालों पर छापेमारी, जांच जारी
किडनी रैकेट का खुलासा होने के बाद पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। कल्याणपुर, पनकी, नौबस्ता और बर्रा क्षेत्रों के कई अस्पताल जांच के दायरे में हैं। कुछ अस्पतालों का संबंध बड़े चिकित्सा संगठनों से जुड़े लोगों से भी बताया जा रहा है। पुलिस अब इस नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने के लिए अन्य राज्यों में भी जांच कर रही है।

पुराने मामलों से भी जुड़ रही कड़ियां
जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि शहर में करीब दो दशक पहले भी इसी तरह का मामला सामने आया था। उस समय भी आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को निशाना बनाकर उनकी किडनी निकालने के आरोप लगे थे। अब मौजूदा मामले में भी उसी तरह की कार्यप्रणाली सामने आने से पुलिस पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही है।

पुलिस का बयान और आगे की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में सामने आए सभी नामों की गहन जांच की जा रही है। जिन अस्पतालों और डॉक्टरों की भूमिका संदिग्ध है, उनसे पूछताछ जारी है। किडनी देने और लेने वाले लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए उन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क का जल्द ही पूरी तरह खुलासा किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

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