लखनऊ/- यूपी के इतिहास में यह पहली बार है जब उत्तर प्रदेश विधान परिषद कांग्रेस मुक्त हो रही है। 6 जुलाई को कांग्रेस पार्टी के एकमात्र सदस्य दीपक सिंह का कार्यकाल पूरा हो जाने पर विधान परिषद पूरी तरह से कांग्रेस मुक्त हो गई है। हालांकि भाजपा का सपना था कि वो कांग्रेस मुक्त भारत बनाना चाहती थी जिसकी शुरूआत यूपी से हो गई है। गत 4 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेस वार्ता में कहा भी था कि ‘इतिहास में ऐसा पहली बार है जब विधान परिषद, कांग्रेस मुक्त होने जा रही है।’
जानकारी के अनुसार 5 जनवरी 1887 को उत्तर प्रदेश प्रांत में पहली बार विधान परिषद का गठन हुआ था। इसके बाद 8 जनवरी 1887 को ‘थॉर्नहिल मेमोरियल हॉल इलाहाबाद’ में संयुक्त प्रांत की पहली बैठक आयोजित हुई थी। उसके बाद से कांग्रेस के विधान परिषद सदस्य, निर्वाचित होते रहे हैं। इतने वर्षों में ऐसा पहली बार होने जा रहा है कि विधान परिषद, कांग्रेस मुक्त हो जाएगी।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश विधान परिषद में आज 10 सदस्यों का कार्यकाल पूरा हो रहा है। इनमें बहुजन समाज पार्टी के अतर सिंह राव, सुरेश कुमार कश्यप और दिनेश चंद्रा का कार्यकाल आज समाप्त हो रहा है। समाजवादी पार्टी से जगजीवन प्रसाद, बलराम यादव, डॉ. कमलेश कुमार पाठक, रणविजय सिंह, रामसुंदर निषाद और शतरुद्र प्रकाश का कार्यकाल भी आज समाप्त हो जाएगा।


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