ओमिक्रॉन को लेकर डब्ल्यूएचओ चीफ की चेतावनी, हल्के में न ले, जानलेवा है ओमिक्रॉन वायरस

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ओमिक्रॉन को लेकर डब्ल्यूएचओ चीफ की चेतावनी, हल्के में न ले, जानलेवा है ओमिक्रॉन वायरस

-ःदुनिया में 24 घंटे में कोरोना के 25 लाख केस

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/वॉशिंगटन/भावना शर्मा/- दुनिया को एकबार फिर कोरोना डराने लगा है हालांकि कोरोना को खत्म करने के लिए पूरा विश्व एकजुट होकर लड़ रहा है लेकिन वैरियंट बदलता कोरोना वैज्ञानिकों के सामने कड़ी चुनौति पेश कर रहा है। कोरोना के डेल्टा वैरियंट के बाद अब ओमिक्रॉन पूरी दुनिया में तबाही मचा रहा है। हालांकि कुछ विशेषज्ञ इसे कम खतरनाक मान रहे है लेकिन डब्ल्यूएचओ चीफ टेड्रोस ने ओमिक्रॉन के खिलाफ चेतावनी जारी करते हुए कहा कि दुनिया ओमिक्रॉन को हल्के मे न ले, यह वायरस जानलेवा है।
                  दुनिया में पिछले 24 घंटे में कोरोना के करीब 25 लाख केस दर्ज किए गए हैं। डब्ल्यूएचओ चीफ टेड्रोस ने कहा है कि ओमिक्रॉन दुनियाभर में लोगों की जान ले रहा है। उन्होंने गुरुवार को बताया कि वैक्सीनेटेड लोगों में ओमिक्रॉन डेल्टा के मुकाबले कम खतरनाक साबित हो रहा है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इसे हल्के में लेना चाहिए। पिछले वैरिएंट की तरह ही ओमिक्रॉन लोगों को अस्पताल में भर्ती कर रहा है और जान ले रहा है। डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने कहा कि पिछले एक हफ्ते में कोविड के केस रेकॉर्ड स्तर पर बढ़े हैं। कोरोना का संक्रमण दर इतना अधिक है कि अस्पतालों में बेड कम पड़ने लगे हैं. इसका असर दुनिया भर के हेल्थ सिस्टम पर पड़ने लगा है. अस्पतालों में कोरोना को मरीजों की भीड़ का असर उन लोगों पर पड़ रहा है, जो दूसरी बीमारियों से जूझ रहे हैं। कोविड-19 के बढ़ते केस के कारण अन्य बीमारियों से परेशान लोगों के इलाज में देरी हो रही है. उन्होंने कहा कि अस्पतालों में भीड़ कम होने के बाद ही ऐसे बीमार लोगों की मौत को टाला जा सकता है.डॉ टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने कहा कि अगर हालात नहीं सुधरे तो दुनिया के 109 देश जुलाई 2022 की शुरुआत तक अपनी 70 प्रतिशत आबादी का पूरी तरह से टीकाकरण करने के लक्ष्य से चूक जाएंगे। उन्होंने विश्व में टीकाकरण की असमानता पर चिंता जताते हुए कहा कि यह पिछले साल की सबसे बड़ी विफलता थी. कुछ देशों के पास इस महामारी के निपटने के लिए सुरक्षा उपकरण, परीक्षण और वैक्सीन हैं जबकि कई देशों के पास बुनियादी आधारभूत सुविधाएं भी नहीं हैं। वैक्सीन की असमानता से वैश्विक आर्थिक सुधार की कोशिशों को धक्का लगेगा।
               टेड्रोस ने कहा कि नया वैरिएंट रिकॉर्ड संख्या में लोगों को संक्रमित कर रह है। ये कई देशों में पिछले वैरिएंट डेल्टा से भी तेजी से फैल रहा है। कोरोना मामलों की सुनामी इतनी बड़ी और तेज है कि दुनियाभर के हेल्थ सिस्टम को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ओमिक्रॉन वैरिएंट की वजह से दुनिया भर में कोरोना के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। 24 घंटे में दुनिया के 6 देशों में एक लाख से ज्यादा कोरोना केस दर्ज किए गए हैं। वहीं, बीते दिन पूरी दुनिया में 24, 97,154 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं।
               अकेले अमेरिका में दुनिया में सबसे ज्यादा 7.51 लाख कोरोना केस दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा फ्रांस में 2.61 लाख, इटली में 2.19 लाख, ब्रिटेन में 1.79 लाख, भारत में 1.14 लाख और अर्जेंटीना में 1..09 लाख कोरोना केस मिले हैं। कोरोना की वजह से दुनिया भर में अब तक 54.89 लाख से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है।
       

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