
मानसी शर्मा/- बॉर्डर गवास्कर सीरीज खत्म हुए एक सप्ताह बीत गया है लेकिन भारतीय टीम हार के सदम से उबर नहीं पाई है। बीसीसीआई और सेलेक्टर लगातार मंथन कर रहे हैं कि इतनी मजबूत टीम भेजन के बाद भी टीम ने सीरीज कैसे गंवा दी। बीसीसीआई ने कप्तान रोहित और गौतम गंभीर को भी तलब किया है। साथ ही नए परिवार को लेकर नए फरमान भी जारी कर दिया गया है। इसके अलावा बीसीसीआई ने एक बड़ा फैसला लेना का मन बना लिया है। बताया जा रहा है कि अब टीम और खिलाड़ियों के खराब प्रदर्शन को देखते हुए एक बड़ा फैसला लिया जा सकता है। इस फैसले के हिसाब से खराब प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की सैलरी में कटौती की जाएगी। बीसीसीआई का एक्शन जारी गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारतीय टीम के खराब प्रदर्शन का रिव्यू किया गया। रिव्यू के लिए एक मीटिंग हुई जिसमें हेड कोच गौतम गंभीर, चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर और भारतीय कप्तान रोहित शर्मा शामिल हुए थे। एक अखबार में छपी रिपोर्ट के मुताबिक इसी मीटिंग में खिलाड़ियों की सैलरी कटौती का विचार किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय खिलाड़ियों के साथ वैसा ही हो सकता है, जैसा एक सेल्समैन के साथ टारगेट पूरा नहीं करने पर होता है। अगर कोई खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन नहीं करता है, तो उसकी सैलरी में कटौती होगी। पिछले साल इन्सेन्टिव का किया गया था ऐलान रिपोर्ट में कहा गया कि खराब प्रदर्शन के लिए खिलाड़ियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और अगर उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं होता है, तो उन्हें सैलरी में कटौती का सामना करना होगा। हालांकि, अभी इस बारे में आधिकारिक जानकारी नहीं आई है। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या वाकई में ऐसा होता है या नहीं। बता दें कि यह कुछ वैसा ही होगा कि जैसे बीसीसीआई ने पिछले साल टेस्ट क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए इन्सेन्टिव स्कीम का ऐलान किया था। इस स्कीम के अनुसार अगर कोई खिलाड़ी सीजन के 50 प्रतिशत टेस्ट प्लेइंग इलेवन का हिस्सा रहता है, तो उसे हर मैच के अनुसार, 30 लाख रुपये का इन्सेन्टिव दिया जाएगा।





More Stories
ढाई माह की बच्ची अपहरण के कुछ घंटों में बरामद, दो आरोपी गिरफ्तार
द्वारका पुलिस ने लौटाए 560 खोए और चोरी हुए मोबाइल
अवैध घुसपैठ पर समाज को जागरूक होकर आगे आने की जरूरत : सूर्यकान्त केलकर
शहीद भगत सिंह की जयंती पर निकाली गई प्रभातफेरी व रक्तदान शिविर का हुआ आयोजन
सुल्तानपुर में बैंक सखियों ने डीएम कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन के साथ सौंपा मांगपत्र
दिल्ली में मुख्यमंत्री धामी के सामने विभिन्न संस्थानों से जुडे उत्तराखण्ड के प्रवासी बुद्धिजीवियों ने राज्य के विकास के प्रति रखे अपने सुझाव