नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/भावना शर्मा/- गणतंत्र दिवस समारोह में इस बार दिल्ली की झांकी दिखाई नहीं देगी। परेड में शामिल होने वाली झांकियों को चयन करने वाली केंद्र सरकार की समिति ने दिल्ली की झांकी को इसमें शामिल नहीं किया है। 2020 के बाद यह दूसरा साल है, जब दिल्ली की झांकी दिखाई नहीं देगी। वर्ष 2020 में भी दिल्ली सरकार की झांकी गणतंत्र दिवस परेड में शामिल नहीं हो पाई थी।
यहां बता दें कि दिल्ली सरकार ने इस बार झांकी के लिए तैयारी शुरू कर दी थी। देश की आजादी के 75वां साल होने के नाते अमृत महोत्सव चल रहा है। उसे देखते हुए सरकार की ओर से इस बार गणतंत्र दिवस परेड के लिए उम्मीदों का दिल्ली शहर विषय पर झांकी तैयार करने की तैयारी थी। दिल्ली सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग के तहत आने वाली साहित्य कला परिषद ने इस विषय पर झांकी की संकल्पना व डिजाइन तैयार कर रही थी। इसके लिए नवंबर में पब्लिक नोटिस भी निकाला था। दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि केंद्र सरकार को झांकी के विषय पर आधारित प्रस्ताव भेजा गया था। मगर दिल्ली सरकार के झांकी के प्रस्ताव का चयन नहीं हो सका है। बता दें कि यह पहला मौका नहीं है जब दिल्ली सरकार की झांकी गणतंत्र दिवस परेड में शामिल नहीं हो रही है। इससे पहले 2018 व 2020 में भी दिल्ली की झांकी गणतंत्र दिवस परेड में नहीं आई थी। जबकि 2017 में दिल्ली के माडल स्कूलों पर आधारित झांकी भेजी गई थी। फिर 2019 में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती की थीम पर आधारित झांकी बनाई गई थी, जिसमें गांधी जी के दिल्ली में बिताए गए 720 दिनों को दर्शाया गया था। 2021 में दिल्ली सरकार की झांकी शाहजहांनाबाद पुनर्विकास पर आधारित थी। लेकिन इस बार झांकी क्यों नही आ रही है इस पर सरकार ने अपना स्पष्टीकरण नही दिया है। वहीं पंश्चिमी बंगाल व तमिलनाडु की झांकियों पर केंद्र सरकार ने कहा है कि झांकियों का मामला केंद्र सरकार नही समिति देखती है।


More Stories
दिल्ली में करण औजला के संगीत कार्यक्रम के दौरान हंगामा
प्रेरणा के प्रतीक राम जग सिंह का देहांत, शोक की लहर
आरोपों से राहत के बाद जंतर-मंतर पर शक्ति प्रदर्शन
महंगाई का तगड़ा झटका: एलपीजी और एटीएफ दोनों महंगे
होली 2026: सुख, शांति और समृद्धि के लिए इन सात स्थानों पर करें दीप प्रज्वलन
धुंआधार बल्लेबाज़ी से पाकिस्तान बाहर, पवन रत्नायक बने जीत के हीरो