उत्तरी जिला एएटीएस ने पांच साल से फरार कुख्यात वाहन चोर को किया गिरफ्तार

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उत्तरी जिला एएटीएस ने पांच साल से फरार कुख्यात वाहन चोर को किया गिरफ्तार

-अपराधी पिछले पांच साल से नाम व पता बदलकर अपनी पहचान छिपा रहा था, आरोपी पर दर्ज है चोरी व वाहन चोरी के 16 मामले

नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- उत्तरी जिला एएटीएस ने पिछले पांच साल से फरार चल रहे एक कुख्यात वाहन चोर को पकड़ने में सफलता प्राप्त की है। आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए लगातार नाम व पता बदलकर रह रहा था। पुलिस ने लगातार जांच करते हुए आखिर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी सचिन पर घरों में चोरी व वाहन चोरी के 16 मामले दर्ज हैं।
          उत्तरी जिला के डीसीपी मनोज कुमार मीणा ने बताया कि एएटीएस/उत्तरी जिला दिल्ली की समर्पित पीओ टीम दिल्ली और एनसीआर के अन्य क्षेत्रों में घोषित अपराधियों के बारे में जानकारी इकट्ठा कर उन्हे पकड़ने का काम लगातार कर रही है। इसी कड़ी में हवलदार सुमित कुमार को एक गुप्त सूचना मिली थी कि एक घोषित अपराधी सूरज प्रकाश उर्फ सचिन जो पांच साल से चोरी के मामले में फरार चल रहा है तीस हजारी मेट्रो स्टेशन पर किसी से मिलने आयेगा।
        सूचना तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों के साथ साझा की गई और उनके निर्देशों के अनुसार, इंस्पेक्टर की कड़ी निगरानी में एएटीएस, उत्तरी जिले की एक समर्पित पुलिस टीम का गठन किया गया, जिसमें एचसी सुमित कुमार, एचसी पुनीत मलिक और एचसी ओमप्रकाश डागर शामिल थे। मुकेश कुमार, (प्रभारी एएटीएस/उत्तर) और श्री धर्मेंद्र कुमार, एसीपी/ऑपरेशंस सेल, उत्तरी जिला का मार्गदर्शन में टीम ने सूचना वाले स्थान पर अपना जाल बिछाया। टीम ने बड़ी जिम्मेदारी और सतर्कता दिखाते हुए मेट्रो स्टेशन, तीस हजारी, दिल्ली के पास से उक्त संदिग्ध व्यक्ति को सफलतापूर्वक पकड़ लिया, जिसकी पहचान सूरज प्रकाश उर्फ सचिन, उम्र 36 वर्ष के रूप में हुई।
         निरंतर पूछताछ और पुलिस रिकॉर्ड की जांच करने पर, अपराधी सूरज प्रकाश उर्फ सचिन को एम.वी.चोरी के मामले में माननीय एम.एम.तीस हजारी कोर्ट, दिल्ली की अदालत द्वारा दिनांक 05.01.2018 के आदेश के तहत घोषित अपराधी (पीओ) घोषित किया गया था। पीएस रूप नगर में एफआईआर संख्या 112/2014 आईपीसी की धारा 379/411 के तहत दर्ज की गई। तदनुसार, अपराधी को सीआरपीसी की धारा 41.1 (सी) के तहत गिरफ्तार किया गया। थाना तिमारपुर में जांच शुरू की गई।
        पूछताछ के दौरान आरोपी/अपराधी सूरज प्रकाश उर्फ सचिन ने खुलासा किया कि वह टीएसआर को किराये पर चलाता था, लेकिन इस काम से होने वाली कमाई से वह संतुष्ट नहीं था और वह अपने बड़े परिवार की जरूरतों को पूरा करने में असमर्थ था। नतीजतन, वह बुरे तत्वों की संगति में शामिल हो गया, शराबी बन गया और चोरी का सामान बेचकर आसानी से पैसा कमाने के लिए चोरी और वाहनों की चोरी जैसे अपराधों को भी अंजाम देने लगा।
इसके अलावा, आरोपी व्यक्ति ने खुलासा किया कि वर्ष 2013 में उसने रूप नगर क्षेत्र से एक मोटरसाइकिल चोरी की थी। इसके बाद उन्हें उपरोक्त मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में उन्हें संबंधित माननीय अदालत द्वारा जमानत पर रिहा कर दिया गया, लेकिन बार-बार नोटिस के बावजूद वह अदालत में उपस्थित नहीं हुए और आत्मसमर्पण नहीं किया। इसलिए उसे उपरोक्त मामले में एफआईआर नंबर 112/2014, आईपीसी की धारा 379/411, पीएस रूप नगर, दिल्ली में घोषित अपराधी घोषित किया गया था। वह अदालती कार्यवाही से अपनी गिरफ्तारी से बच रहा था और अपना पता और पहचान बदलकर उत्तरी और पश्चिमी जिले के इलाकों में इधर-उधर रह रहा था।
         पुलिस ने आरोपी की पहचान सूरज प्रकाश उर्फ सचिन पीओ सुरेंद्र कॉलोनी, झारोदा, बुराड़ी, दिल्ली के रूप में की है। आरोपी पर सागरपुर, ख्याला, बुराड़ी के पुलिस स्टेशनों में दर्ज चोरी, घर में चोरी और मोटर वाहन चोरी के तहत 16 आपराधिक मामलें दर्ज हैं।

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