नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- नए वर्ष की शुरुआत के साथ ही देश में एक नई स्वदेशी कैब सेवा ‘भारत टैक्सी’ ने औपचारिक रूप से अपनी सेवाएं शुरू कर दी हैं। सरकार के समर्थन से शुरू हुई यह पहल निजी कैब एग्रीगेटर्स की मनमानी के खिलाफ एक मजबूत विकल्प के रूप में सामने आई है। भारत टैक्सी का उद्देश्य न केवल कैब ड्राइवरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है, बल्कि यात्रियों को भी उचित और पारदर्शी किराये पर सुरक्षित यात्रा उपलब्ध कराना है। लंबे समय से ओला और उबर जैसी कंपनियों द्वारा लिए जा रहे भारी कमीशन और अनियमित किराया बढ़ोतरी से परेशान ड्राइवरों और यात्रियों के लिए यह सेवा राहत की उम्मीद बनकर आई है।
ड्राइवरों को मिलेगा मालिकाना हक, जीरो-कमीशन पर होगी कमाई
भारत टैक्सी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह जीरो-कमीशन मॉडल पर आधारित है। इस प्लेटफॉर्म से जुड़ने वाले ड्राइवरों को किसी भी तरह का कमीशन नहीं देना होगा। यात्रियों द्वारा दिया गया पूरा किराया सीधे ड्राइवर के खाते में जाएगा। इससे ड्राइवरों की आमदनी में सीधा इजाफा होगा और वे किसी निजी कंपनी के दबाव या नियंत्रण में काम करने को मजबूर नहीं होंगे। इस पहल से ड्राइवरों को अपने काम पर पूर्ण स्वतंत्रता और सम्मानजनक आजीविका का अवसर मिलेगा।
यात्रियों को मिलेगा सस्ता और तय किराया
ड्राइवरों को पूरा भुगतान मिलने का लाभ यात्रियों को भी मिलेगा। भारत टैक्सी फिक्स्ड प्राइस मॉडल पर काम करेगी, जिससे पीक टाइम, बारिश, ट्रैफिक या मांग बढ़ने के नाम पर मनमाना किराया वसूलने की समस्या खत्म हो जाएगी। इससे यात्रियों को न केवल किफायती यात्रा मिलेगी, बल्कि किराये को लेकर पारदर्शिता भी बनी रहेगी। आम लोगों के लिए यह सेवा भरोसेमंद और बजट के अनुकूल विकल्प साबित होने की उम्मीद है।
बड़े शहरों में मिलेगा सबसे ज्यादा लाभ
भारत टैक्सी की सेवाएं दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद, नोएडा और गुरुग्राम जैसे बड़े महानगरों में शुरू की जा रही हैं, जहां कैब सेवाओं की मांग सबसे अधिक रहती है। इन शहरों में रोजाना लाखों लोग कैब का इस्तेमाल करते हैं और ड्राइवर भी बड़ी संख्या में निजी एग्रीगेटर्स से जुड़े हुए हैं। ऐसे में भारत टैक्सी का आगमन शहरी परिवहन व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव ला सकता है।
स्वदेशी पहल से मिलेगी नई दिशा
कुल मिलाकर, भारत टैक्सी को एक स्वदेशी, पारदर्शी और जनहितैषी कैब सेवा के रूप में देखा जा रहा है, जो न केवल ड्राइवरों की आर्थिक स्थिति मजबूत करेगी, बल्कि यात्रियों को भी बेहतर और न्यायसंगत सेवा उपलब्ध कराएगी। नए साल में शुरू हुई यह पहल देश के ट्रांसपोर्ट सेक्टर में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।


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