‘आपकी सेवा करता रहूंगा’, वरुण गांधी ने पीलीभीत की जनता को लिखा भावुक पत्र

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

October 2026
MTWTFSS
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031 
October 19, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

‘आपकी सेवा करता रहूंगा’, वरुण गांधी ने पीलीभीत की जनता को लिखा भावुक पत्र

मानसी शर्मा / – इस बार लोकसभा चुनाव में भाजपा ने पीलीभीत से वरुण गांधी का टिकट काट दिया है। पार्टी उनके जगह जितिन प्रसाद को पीलीभीत के चुनावी मैदान में उतारा है। कयास लगाए जा रहे थे कि वरुण गांधी निर्दलीय से चुनाव लड़ सकते हैं लेकिन बुधवार को नामांकन की आखिरी तारीख थी जिसके बाद ये साफ हो गया कि वो निर्दलीय भी नहीं लड़ेंगे। अब वहीं वरुण गांधी ने पीलीभीत की जनता को पत्र लिखा है। इस पत्र को उन्होंने अपने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट किया है। इस पत्र में उन्होंने लिखा भले ही कोई कीमत चुकानी पड़े मै आपकी सेवा करता रहूंगा।

पत्र की शुरुआत उन्होंने भावुक तरीके से की। वरुण गांधी ने लिखा, ‘आज जब मैं यह पत्र लिख रहा हूं, तो अनगिनत यादों ने मुझे भावुक कर दिया है। मुझे वो 3 साल का छोटा सा बच्चा याद आ रहा है जो अपनी मां की उंगली पकड़कर 1983 में पहली बार पीलीभीत आया था, उसे कहां पता था एक दिन यह धरती उसकी कर्मभूमि और यहां के लोग उसका परिवार बन जाएंगे।’

 ‘मेरा रिश्ता अंतिम सांस तक खत्म नहीं हो सकता’

उन्होंने लिखा, ‘मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं कि मुझे सालों पीलीभीत की महान जनता की सेवा करने का मौका मिला। महज एक सांसद के तौर पर ही नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के तौर पर भी मेरी परवरिश और मेरे विकास में पीलीभीत से मिले आदर्श, सरलता और सहृदयता का बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने आगे लिखा, ‘आपका प्रतिनिधि होना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है और मैंने हमेशा अपनी पूरी क्षमता से आपके हितों के लिए आवाज उठाई है। एक सांसद के तौर पर मेरा कार्यकाल भले समाप्त हो रहा हो, पर पीलीभीत से मेरा रिश्ता अंतिम सांस तक खत्म नहीं हो सकता।’

‘मैं आजीवन आपकी सेवा के लिए प्रतिबद्ध हूं’

वरुण गांधी ने लिखा,सांसद के रूप में नहीं, तो बेटे के तौर पर सही, मैं आजीवन आपकी सेवा के लिए प्रतिबद्ध हूं और मेरे दरवाजे आपके लिये हमेशा पहले जैसे ही खुले रहेंगे। मैं राजनीति में आम आदमी की आवाज उठाने आया था और आज आपसे यही आशीर्वाद मांगता हूं कि सदैव यह कार्य करता रहूं, भले ही उसकी कोई भी कीमत चुकानी पड़े।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox