नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम दौरे के दौरान अपनी पहली चुनावी रैली में जनता को संबोधित करते हुए विकास और सुशासन के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। धेमाजी जिले के गोगामुख में आयोजित इस जनसभा में उन्होंने भारी भीड़ को देखकर भाजपा-एनडीए की लगातार जीत का विश्वास जताया। उन्होंने कहा कि जनता का समर्थन साफ संकेत दे रहा है कि राज्य में विकास की रफ्तार जारी रहेगी।
चाय बागान से जुड़ाव, महिलाओं से की खास बातचीत
रैली से पहले प्रधानमंत्री डिब्रूगढ़ पहुंचे, जहां उन्होंने चाय बागानों में काम करने वाली महिला श्रमिकों से मुलाकात की। उन्होंने असम की चाय को राज्य की पहचान बताते हुए कहा कि यह सिर्फ एक पेय नहीं, बल्कि यहां की संस्कृति और मेहनत का प्रतीक है। इस मुलाकात को उन्होंने एक यादगार अनुभव बताया।
विकास योजनाओं और उपलब्धियों का किया जिक्र
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने राज्य में हुए विकास कार्यों को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि लाखों परिवारों को पक्के घर दिए गए हैं और आने वाले समय में और भी लोगों को इस सुविधा का लाभ मिलेगा। शिक्षा, स्वास्थ्य और महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर भी कई योजनाओं का उल्लेख किया गया। ‘लखपति दीदी’ जैसी पहल के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया गया है।
असम को तकनीकी हब बनाने की तैयारी
प्रधानमंत्री ने भविष्य की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि असम को अब सिर्फ चाय के लिए नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में भी पहचान मिलेगी। उन्होंने बताया कि राज्य में सेमीकंडक्टर प्लांट स्थापित किया जा रहा है, जिससे असम तकनीकी विकास का बड़ा केंद्र बनेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
कांग्रेस पर तीखा हमला, राजनीति पर उठाए सवाल
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद पार्टी ने राज्य के विकास पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ने हमेशा समाज को बांटने की राजनीति की है, जबकि वर्तमान सरकार सबका साथ, सबका विकास के सिद्धांत पर काम कर रही है।
बाढ़ नियंत्रण और किसानों के लिए बड़ी घोषणाएं
असम की प्रमुख समस्या बाढ़ को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने बड़े स्तर पर योजना शुरू की है, जिससे राज्य को बाढ़ से राहत मिलेगी। साथ ही किसानों को फसल बीमा योजना के तहत आर्थिक सहायता देने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया।
असम की पहचान और सुरक्षा पर दिया भरोसा
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राज्य की सांस्कृतिक पहचान और मूल निवासियों के अधिकारों की रक्षा करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने और राज्य के समग्र विकास का भरोसा दिलाया।


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