अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़: वजीराबाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई              

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
May 21, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

-तीन आरोपी गिरफ्तार -ऑपरेशन और शुरुआती कार्रवाई

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-  दिल्ली पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। 21 अप्रैल 2026 की शाम वजीराबाद थाना क्षेत्र में गश्त के दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि एक व्यक्ति इलाके में अवैध हथियार लेकर घूम रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने यमुना खादर पुस्ता रोड, हनुमान चौक के पास घेराबंदी कर एक संदिग्ध को पकड़ लिया। उसकी पहचान मोहम्मद अयूब (49 वर्ष) के रूप में हुई, जो उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद का रहने वाला है। तलाशी के दौरान उसके पास से दो देसी पिस्तौल और 10 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। इस मामले में तुरंत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई।

जांच में खुला बड़ा नेटवर्क
पूछताछ के दौरान आरोपी अयूब ने खुलासा किया कि उसने ये हथियार मुरादाबाद के सोनू नामक व्यक्ति से खरीदे थे। इसके बाद पुलिस ने एक विशेष टीम गठित कर तकनीकी निगरानी और लोकेशन ट्रैकिंग के जरिए सोनू के नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश शुरू की। लगातार प्रयासों के बाद 22 अप्रैल को पुलिस टीम मुरादाबाद पहुंची और एक संदिग्ध परिसर की पहचान की, जहां अवैध हथियार बनाए जा रहे थे।

फैक्ट्री पर छापा और गिरफ्तारियां
पुलिस ने मौके पर छापा मारकर एक अवैध हथियार निर्माण इकाई का पर्दाफाश किया। वहां से दो आरोपियों—इदरीश (60 वर्ष) और शादाब (40 वर्ष)—को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि यह फैक्ट्री पिछले एक साल से संचालित हो रही थी और यहां बड़े पैमाने पर देसी कट्टे बनाए जा रहे थे। मौके से भारी मात्रा में हथियार, अधबने पार्ट्स और निर्माण में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद हुए, जिससे साफ है कि यह एक पूरी तरह सक्रिय अवैध फैक्ट्री थी, जहां 50-60 तक हथियार तैयार करने की क्षमता थी।

मास्टरमाइंड की तलाश जारी
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि इस पूरे नेटवर्क का संचालन सोनू नाम का व्यक्ति कर रहा था, जो कच्चा माल उपलब्ध कराता था और तैयार हथियारों की सप्लाई करता था। इदरीश को हथियार बनाने का वर्षों का अनुभव है और वह इस काम में माहिर है, जबकि शादाब उसकी मदद करता था। दोनों को हर हथियार के बदले अलग-अलग भुगतान किया जाता था। फिलहाल पुलिस मुख्य आरोपी सोनू की तलाश में जुटी हुई है, जिसे इस गिरोह का सरगना माना जा रहा है।

बरामदगी का विवरण
पुलिस ने इस कार्रवाई में तीन देसी पिस्तौल, 12 जिंदा कारतूस और एक खाली कारतूस के अलावा भारी मात्रा में हथियार बनाने का कच्चा माल बरामद किया है। इसमें 14 लंबे बैरल, कई अधबने कट्टे, लोहे के औजार, भट्टी, मशीनें और अन्य उपकरण शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल हथियार तैयार करने में किया जा रहा था।

आरोपियों का आपराधिक इतिहास
मुख्य आरोपी मोहम्मद अयूब पहले भी हत्या के एक मामले में शामिल रहा है। वहीं इदरीश पिछले 20-25 वर्षों से अवैध हथियार बनाने के काम में सक्रिय था और उसके खिलाफ पहले भी केस दर्ज है। शादाब इस फैक्ट्री में सहायक के रूप में काम करता था।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox