नवरात्रों पर कोरोना का साया

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

July 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
2728293031  
July 27, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- चैत्र शुक्ल नवसंवतसर से आरंभ होने जा रहे नवरात्रों पर इस बार कोरोना का साया मंडरा रहा है। नवरात्रें बुधवार से आरंभ हो रहे है लेकिन एक दिन पहले मंगलवार को भी बाजार सुनसान पड़े हैं। हालांकि हर बार अमावस्या पर लोग नवरात्रों की तैयारी को लेकर जमकर खरीददारी करते थे लेकिन इस बार कोरोना महामारी को लेकर न केवल बाजार बंद है बल्कि मंदिरों पर भी ताला लटका हुआ है और जो दूकाने खुली भी है उनपर भी कोई खरीददार नही दिखाई दे रहा है।

देश में नव संवतसर को नव वर्ष के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन से नवशक्ति के रूप में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा भी की जाती है जिन्हे हम नवरात्र पूजा भी कहते है। पूरे उत्तर भारत के साथ-साथ देश के विभिन्न हिस्सों में नवरात्र बड़ी ही श्रद्धा व धूमधाम से मनाये जाते हैं। नवरात्रों की तैयारी को लेकर श्रद्धालु बाजारों में बड़ी तादात में खरीददारी करते हैं और पूरी श्रद्धा से पूरे नौ दिन तक उपवास रखकर माता के विभिन्न रूपों की पूजा अर्चना करते है। लेकिन इस बार देश में कोरोना महामारी को लेकर लोग काफी सहमे हुए हैं। हर तरफ कोरोना को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। बाजार बंद है और लोग घरों में कैद है। हालांकि लोग घरों में पूजा अर्चना कर भगवान से सभी की सलामती के लिए प्रार्थना जरूर कर रहे है लेकिन धारा-144 व देश को महामारी से बचाने के लिए लोग नवरात्रों तक की खरीददारी के लिए भी घरों से नही निकल रहे है।
                                     

नवरात्रों की तैयारी के लिए खरीददारी करतीं महिलाएं।

कोरोना महामारी न केवल लोगों की श्रद्धा व आस्था पर भारी पड़ रही है बल्कि मानव जाति के जीवन के लिए खतरा भी बनी हुई है। जिसकारण लोग मानव जाति के वर्चस्व को बचाने व कोरोना को हराने के लिए नवरात्रों को घर में ही रहकर मनाने का मन बना चुके है। इस संबंध में शास्त्री सतवीर शर्मा का कहना है कि मां शब्द अपने आप में एक पूर्ण श्रद्धा है। मां ने हमेशा ही संकट की घड़ी में देवताओं व मानवों की रक्षा करी है। इस बार भी माता मानव जाति पर छाये इस संकट का जरूर निराकरण करेंगी। उन्होने कहा कि लोग अभी भी पूरी श्रद्धा व आस्था के साथ नवरात्र पूजा करेंगे। उन्हे विश्वास है कि नवरात्रों के समापन के साथ-साथ कोरोना का भी खात्मा हो जायेगा। वहीं लोगों की माने तो नवरात्र तो हर बार आते   ही रहेंगे लेकिन पहले विश्व को बचाना जरूरी है और इसके लिए हमे वही करना है जो मानव जाति के हित में है। इसका मतलब यह कतई नही है कि हम नवरात्र की पूजा नही करेंगे, इसबार लोग घरों में रहकर ही माता की पूजा करेंगे। वहीं शास्त्री जी ने कहा कि पूजा जरूर करनी चाहिए। इसमें सभी घरों में रोजाना दीपक जलाये और कपूर के साथ लोंग व गूगल मिलाकर पूरे घर को सेनेटाईज जरूर करें।ं इससे मा की पूजा भी हो जायेगी और कोरोना पर भी चोट होगी। पूरे नौ दिन में कोरोना का जड़ से खात्मा हो जायेगा। हालांकि सब अपने-अपने ढ़ंग से व्रत व कोरोना से लड़ने का तरीका सूझा रहे है लेकिन हकिकत यह है कि आज नवरात्रों पर पूरी तरह से कोरोना का साया मंडरा रहा है। बाजारों में कहीं कोई रौनक नही दिखाई दे रही है। लोग बड़ी मुश्किल से घरों में रोजाना प्रयोग होने वाले सामान का प्रंबंध कर पा रहे है। और यही हालत रही तो व्रत के उघ्यापन पर कंजक पूजा कैसे पूरी हो पायेगी, इस पर लोग काफी मंथन कर रहे है। कुछ लोगों ने इसबार नवरात्र सादगी पूर्ण मनाने का मन बना लिया है और घर में रहकर ही मां दुर्गा की पूजा अर्चना करने की तैयारी आरंभ कर दी है। हालांकि प्रशासन व सरकार भी नवरात्र पूजा को लेकर काफी असमंजस में है लेकिन फिर भी सरकार लोगों को हिदायत बरतने की ही अपील कर रही है। जिसे देखते हुए लोग भी देश व मानवजाति के लिए घरों में रहकर पूजा करने का मन बना चुके है। अब देखना यह है कि आस्था की जीत होती है या फिर कोरोना का संकट बढ़ता है। लोग मानवजाति के वजूद को बचाने के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार है। जिसे देखकर यही लगता है कि कोरोना हारेगा और देश जितेगा।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox