कोरोना वैक्सीन कोविशील्ड के अंतिम चरण के ट्रायल की बड़ी चुनौती हुई दूर

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  
June 24, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

कोरोना वैक्सीन कोविशील्ड के अंतिम चरण के ट्रायल की बड़ी चुनौती हुई दूर

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- कोरोना वायरस के कहर के बीच दुनियाभर के लोगों को इसकी एक सुरक्षित और कारगर वैक्सीन का इंतजार है। इस बीच भारत में आगे चल रही कोरोना वैक्सीन पर अच्छी खबर सामने आई है। देश में ऑक्सफोर्ड और एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन का ट्रायल कर रही कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ने कोविड-19 वैक्सीन के तीसरे फेज के ट्रायल की बड़ी चुनौती पार कर ली है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और आईसीएमआर ने एलान किया है कि भारत में कोविशील्ड के लिए क्लिनिकल ट्रायल के तीसरे चरण का एनरोलमेंट यानी पंजीकरण हो गया है। 
ऑक्सफोर्ड और एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन को सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया कोविशील्ड नाम से बना रही है। देश में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की निगरानी में इसका ट्रायल चल रहा है। कंपनी के सीईओ अदार पूनावाला ने पिछले हफ्ते कहा था, मुझे उम्मीद है कि एक सुरक्षित और प्रभावी वैक्सीन अगले साल की शुरुआत में लॉन्च हो सकती है। उन्होंने कहा था कि अगर ट्रायल सफल होते हैं और नियामक संस्था से अप्रूवल मिल जाता है तो जनवरी 2021 में वैक्सीन आ सकती है।
सीरम इंडिया ने कहा है कि भारत में ब्वअपेीपमसक के ट्रायल में अबतक सुरक्षा संबंधी कोई परेशानी नहीं आई है। बता दें कि देश में फेज 2ध्3 ट्रायल के तहत हजारों लोगों को कोविशील्ड टीका लगाया जा चुका है। हालांकि कंपनी के सीईओ अदार पूनावाला के मुताबिक, वैक्सीन के लॉन्ग-टर्म इफेक्ट्स का पता लगने में दो से तीन साल भी लग सकते हैं। 
कोविशील्ड वैक्सीन कितने में मिलेगी, इसको लेकर सरकार से उनकी बातचीत चल रही है। अदार पूनावाला ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वैक्सीन किफायती दरों पर उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा, ष्हम निश्चिंत हैं कि यह वैक्सीन किफायती होगी और सबकी पहुंच में होगी।ष् उम्मीद जताई जा रही है कि कोविशील्ड वैक्सीन की कीमत अन्य वैक्सीन की तुलना में कम होगी। 
आईसीएमआर और सीरम इंस्टीट्यूट एक अन्य वैक्सीन कोवोवैक्स के क्लिनिकल डेवलपमेंट के लिए भी साथ मिलकर काम कर रहे हैं। कोवोवैक्स को अमेरिकी कंपनी नोवावैक्स ने शुरुआती तौर पर तैयार किया है। यह एक स्पाइक प्रोटीन वैक्सीन है, जिसे सीरम इंस्टिट्यूट लाइफ साइंसेज विकसित कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नोवोवैक्स ने सीरम इंडिया के साथ साल 2021 में करीब एक बिलियन यानी 10 करोड़ खुराक आपूर्ति करने के लिए साझेदारी की है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox